MP में बाढ़ जैसे हालात, चित्रकूट में 30 फीट उफनी मंदाकिनी; एयरफोर्स ने 700 लोगों को किया रेस्क्यू , CM लेंगे राहत शिविरों का जायजा

मध्यप्रदेश में लगातार बारिश से सतना, चित्रकूट, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में बाढ़ जैसे हालात हैं. चित्रकूट में मंदाकिनी नदी 30 फीट उफान पर है. एयरफोर्स और SDRF की टीमों ने करीब 700 लोगों को सुरक्षित निकाला.

MP में बाढ़ जैसे हालात, चित्रकूट में 30 फीट उफनी मंदाकिनी; एयरफोर्स ने 700 लोगों को किया रेस्क्यू , CM लेंगे राहत शिविरों का जायजा

भोपाल। मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते कई जिलों में हालात बिगड़ गए हैं। सतना, चित्रकूट, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में पानी भर गया है। प्रशासन और राहत-बचाव टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे, जहां उन्होंने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों, राहत कार्य और रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालना सरकार की प्राथमिकता है।

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी 30 फीट उफान पर

चित्रकूट में करीब 18 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। नदी करीब 30 फीट उफान पर है। तेज बहाव के कारण रामघाट का करीब 300 मीटर लंबा पुल बह गया।

बाढ़ के पानी के कारण कई घरों और होटलों में लोग फंस गए। इन्हें सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन ने बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है।

एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर से लोगों का एयरलिफ्ट

चित्रकूट में बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर लगाए गए हैं। घरों और इमारतों की छतों पर फंसे लोगों को हेलिकॉप्टर की मदद से एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए इससे पहले दो हेलिकॉप्टर चित्रकूट पहुंच चुके थे। वहीं, SDRF की टीमें भी प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चला रही हैं। जहां हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू संभव नहीं है, वहां नावों की मदद से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है।

अब तक 700 लोगों का रेस्क्यू

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक करीब 700 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इनमें कुछ लोगों को हेलिकॉप्टर और अन्य लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित निकाला गया।

प्रशासन की टीमें लगातार उन इलाकों पर नजर रख रही हैं, जहां बारिश और जलस्तर बढ़ने से खतरा बना हुआ है।

10 जगहों पर बनाए गए आश्रय स्थल

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 10 अलग-अलग स्थानों पर आश्रय स्थल बनाए गए हैं। इन राहत केंद्रों में लोगों के लिए भोजन, चिकित्सा और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। राहत और बचाव दलों को भी अलर्ट पर रखा गया है।

रविवार को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे CM

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वह रविवार को खुद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री मौके पर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा करेंगे और अधिकारियों से प्रभावित लोगों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी लेंगे।

फिलहाल लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।