रीवा के नेशनल हॉस्पिटल में ‘मौत की लिफ्ट’: मरीज की गर्दन फंसी, मौत; हंगामे के बाद अस्पताल देगा 15 लाख मुआवजा
रीवा के नेशनल हॉस्पिटल में लिफ्ट हादसे में अमरपाटन निवासी सुरेश सेन की मौत हो गई. मरीज की गर्दन लिफ्ट में फंसने का आरोप है. हंगामे के बाद अस्पताल प्रबंधन 15 लाख रुपए मुआवजा और 1 लाख अंतिम संस्कार के लिए देगा.
रीवा। रीवा के नेशनल हॉस्पिटल में इलाज कराने पहुंचे एक मरीज की लिफ्ट हादसे में मौत हो गई। मृतक की पहचान अमरपाटन के लालपुर गांव निवासी सुरेश सेन के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल की लिफ्ट से मरीज को प्रथम तल पर ले जाया गया था। मरीज को लिफ्ट से बाहर निकालते समय अचानक लिफ्ट चल पड़ी, जिससे उसकी गर्दन फंस गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
हादसे के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। घटना से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया और अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए। परिजन मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
पेड़ से गिरने के बाद इलाज के लिए पहुंचे थे रीवा
जानकारी के मुताबिक, सुरेश सेन अमरपाटन के लालपुर गांव के रहने वाले थे। कुछ दिन पहले वह पेड़ से गिरकर घायल हो गए थे। हादसे में उनके कंधे की हड्डी टूट गई थी। परिवार उन्हें इलाज के लिए रीवा के नेशनल हॉस्पिटल लेकर आया था।
परिजनों को उम्मीद थी कि अस्पताल में इलाज के बाद सुरेश स्वस्थ होकर घर लौटेंगे। लेकिन अस्पताल में हुआ लिफ्ट हादसा परिवार की खुशियों को मातम में बदल गया।
प्रथम तल पर लिफ्ट से बाहर निकालते समय हुआ हादसा
परिजनों के मुताबिक, सुरेश सेन को स्ट्रेचर पर लिटाकर लिफ्ट के जरिए प्रथम तल पर ले जाया जा रहा था। जैसे ही मरीज को लिफ्ट से बाहर निकाला गया, अचानक लिफ्ट चल पड़ी। इस दौरान मरीज की गर्दन लिफ्ट में फंस गई।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजन मरीज को बचाने के लिए मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन गंभीर चोट लगने के कारण सुरेश सेन की मौत हो गई।
पांच बच्चों के पिता थे सुरेश सेन
मृतक के परिजनों ने बताया कि सुरेश सेन परिवार में अकेले कमाने वाले थे। उनके पांच बच्चे हैं। हादसे के बाद परिवार ने अस्पताल प्रबंधन से आर्थिक सहायता की मांग की।
परिजनों का कहना था कि परिवार की जिम्मेदारी सुरेश सेन के कंधों पर थी। ऐसे में उनकी मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
घंटों चली बातचीत, अस्पताल प्रबंधन देगा 15 लाख
हादसे के बाद मृतक के परिजनों, पुलिस, प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन के बीच कई घंटे तक बातचीत चली। परिजनों ने उचित मुआवजे की मांग रखी।
बातचीत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने परिवार को 15 लाख रुपए की सहायता राशि देने पर सहमति जताई। इसके अलावा अंतिम संस्कार के लिए 1 लाख रुपए की अतिरिक्त सहायता देने की बात कही गई।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से सहायता राशि देने के आश्वासन के बाद परिजन भी मान गए और उनका विरोध समाप्त हुआ।
लिफ्ट की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद अस्पताल में लिफ्ट की सुरक्षा व्यवस्था और उसके संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर मरीज को लिफ्ट से बाहर निकालते समय वह अचानक कैसे चल पड़ी? लिफ्ट के सुरक्षा सिस्टम ने काम क्यों नहीं किया? हादसे के वक्त लिफ्ट का संचालन किस कर्मचारी की निगरानी में हो रहा था?
इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल हादसे को लेकर पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है।

