BRS से अलग हुईं के कविता, विधान परिषद सदस्य पद से दिया इस्तीफा, कहा- भ्रष्ट हो चुकी है BRS

भारत राष्ट्र समिति (BRS) की पूर्व नेता और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) की बेटी के. कविता ने विधान परिषद (एमएलसी) के सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया है

BRS से अलग हुईं के कविता, विधान परिषद सदस्य पद से दिया इस्तीफा, कहा- भ्रष्ट हो चुकी है BRS

हैदराबाद। भारत राष्ट्र समिति (BRS) की पूर्व नेता और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) की बेटी के. कविता ने विधान परिषद (एमएलसी) के सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के साथ ही उन्होंने अपने पिता द्वारा स्थापित पार्टी बीआरएस पर तीखा हमला किया। 47 वर्षीय कविता ने सोमवार को विधान परिषद में भावुक विदाई भाषण दिया। उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा, तेलंगाना आंदोलन से जुड़ाव और पार्टी से निष्कासन तक के घटनाक्रम का जिक्र किया। कविता ने चेयरमैन से आग्रह किया कि सितंबर में दिया गया उनका इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार किया जाए।

कविता ने कहा कि, वह 2006 में केसीआर और प्रोफेसर जयशंकर से प्रेरित होकर तेलंगाना आंदोलन से जुड़ी थीं। उन्होंने तेलंगाना जागृति के माध्यम से महिलाओं और युवाओं को संगठित करने, तेलंगाना की संस्कृति और इतिहास के संरक्षण और हाशिए पर मौजूद समुदायों और स्थानीय रोजगार के अधिकारों के लिए काम किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति में आने का उनका कोई इरादा नहीं था, लेकिन BRS की ओर से निज़ामाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव उन्होंने सोच-समझकर स्वीकार किया।

साजिश के तहत पार्टी से बाहर किया

तेलंगाना राज्य बनने के बाद कविता ने विभाजन से जुड़े मुद्दों और विकास परियोजनाओं पर काम जारी रखने का दावा किया। उन्होंने पेद्दापल्ली-निज़ामाबाद रेलवे लाइन जैसी लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को पूरा कराने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। कविता ने आरोप लगाया कि, पार्टी के भीतर उनकी अभिव्यक्ति की आज़ादी धीरे-धीरे खत्म कर दी गई। उन्होंने कहा कि, सरकारी कर्मचारियों की आउटसोर्सिंग का विरोध किए जाने के बावजूद राज्य बनने के बाद कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम को और बढ़ावा दिया गया। इन फैसलों पर सवाल उठाने पर पार्टी नेतृत्व उनके खिलाफ हो गया और साजिश के तहत उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया गया।

अन्यास सहना मेरे लिए संभव नहीं

केसीआर की बेटी होने के नाते कविता ने कहा कि उनमें नेतृत्व से सीधे सवाल पूछने का साहस था। उन्होंने कहा कि कुछ मांगों के नजरअंदाज होने को वह स्वीकार कर सकती थीं, लेकिन बार-बार होने वाले गंभीर अन्याय को चुपचाप सहना उनके लिए संभव नहीं था। उन्होंने पार्टी का नाम TRS से बदलकर BRS करने के फैसले पर भी आपत्ति जताई और कहा कि तेलंगाना की अनदेखी कर राष्ट्रीय विस्तार पर ध्यान देना नुकसानदेह साबित हुआ।

बदले की भावना के तहत जेल भेजा

कविता ने आरोप लगाया कि पारदर्शी शासन के दावों के बावजूद आंध्र प्रदेश आधारित कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया और भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगी। उन्होंने भाजपा पर भी तेलंगाना को बार-बार धोखा देने का आरोप लगाया और दावा किया कि राजनीतिक बदले की भावना के तहत उन्हें जेल भेजा गया।

पार्टी से अलग होकर खुश हूं: कविता

भविष्य की राजनीति को लेकर कविता ने कहा कि, वे पार्टी से अलग होकर खुश हैं और एक मजबूत राजनीतिक ताकत के रूप में वापसी करेंगी। उन्होंने कहा कि BRS में नैतिकता और संवैधानिक भावना का अभाव है। बिना किसी नोटिस या स्पष्टीकरण के उन्हें निलंबित किया जाना पार्टी की कार्यशैली को दर्शाता है। कविता ने यह भी संकेत दिया कि उनका संगठन तेलंगाना जागृति आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सक्रिय राजनीति में उतरेगा।

निज़ामाबाद से सांसद रह चुकीं हैं कविता

बता दें कि सितंबर में कविता ने बीआरएस छोड़ने का फैसला किया था, लेकिन उन्हें पार्टी में रुकने के लिए मना लिया गया था। बाद में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में उन्हें निलंबित कर दिया गया। पार्टी से अलग होने के बाद कविता ने कहा था कि कथित दिल्ली शराब नीति मामले में नाम आने के बाद पार्टी के भीतर उन्हें घुटन महसूस हो रही थी। वह निज़ामाबाद से पूर्व सांसद रह चुकी हैं। इस मामले में उन्हें 11 अप्रैल 2024 को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था और 24 अगस्त को जमानत मिली थी।