दिल्ली-एनसीआर और जम्मू-कश्मीर में भुकंप के झटके, अफगानिस्तान में 6.2 तीव्रता का भूकंप, दुनिया के 8 देशों में असर

अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके दिल्ली-एनसीआर, जम्मू-कश्मीर समेत भारत और 8 देशों में महसूस किए गए. फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है. पिछले 24 घंटे में हिमाचल और पाकिस्तान में भी कई भूकंप दर्ज किए गए.

दिल्ली-एनसीआर और जम्मू-कश्मीर में भुकंप के झटके, अफगानिस्तान में 6.2 तीव्रता का भूकंप, दुनिया के 8 देशों में असर

नई दिल्ली: अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में शनिवार शाम 7:04 बजे 6.2 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। इसके झटके अफगानिस्तान के अलावा भारत, पाकिस्तान, चीन, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, किर्गिस्तान और तुर्कमेनिस्तान समेत कुल आठ देशों में महसूस किए गए। भारत में दिल्ली-एनसीआर और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए।

भूकंप के बाद कई लोग एहतियातन घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। हालांकि, फिलहाल किसी भी क्षेत्र से जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

215 किलोमीटर की गहराई में था भूकंप का केंद्र

जानकारी के अनुसार, भूकंप का केंद्र उत्तर-पूर्वी अफगानिस्तान में कलाफगान से करीब 81 किलोमीटर दूर स्थित था। इसकी गहराई करीब 215 किलोमीटर दर्ज की गई, जिसके कारण इसका असर दूर-दराज के इलाकों तक महसूस हुआ।

जम्मू-कश्मीर में लोगों ने महसूस किए झटके

श्रीनगर निवासी इम्तियाज अहमद ने बताया कि वह घर के बाहर बैठे थे, तभी कुर्सी और बिजली के तार हिलने लगे। वहीं छात्र वहीद ने बताया कि अभ्यास से लौटते समय उन्हें हल्के झटके महसूस हुए।

पिछले 24 घंटे में भारत और पाकिस्तान में भी आए भूकंप

इससे पहले शनिवार सुबह 11:38 बजे हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में 3.2 तीव्रता का हल्का भूकंप दर्ज किया गया था। इसका केंद्र धरती से करीब 5 किलोमीटर की गहराई पर था।

वहीं, यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सिस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में पाकिस्तान में भी चार बार भूकंप आया। इनमें सबसे तेज झटका 5.5 तीव्रता का था, जिसका केंद्र बलूचिस्तान क्षेत्र में 40 किलोमीटर की गहराई पर था। इन घटनाओं में भी किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।

कब बढ़ता है नुकसान का खतरा?

विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप का सबसे अधिक असर उसके केंद्र के आसपास के क्षेत्रों में होता है। जैसे-जैसे दूरी बढ़ती है, झटकों की तीव्रता कम होती जाती है। आमतौर पर 6.5 या उससे अधिक तीव्रता के भूकंप में जान-माल के नुकसान की आशंका अधिक रहती है, जबकि इससे कम तीव्रता वाले भूकंप में नुकसान की संभावना अपेक्षाकृत कम होती है।