वरिष्ठ राजनेता एवं लोकसेवक स्वर्गीय अर्जुन सिंह की जयंती के अवसर पर राजधानी भोपाल में आज अर्जुन सिंह अलंकरण समारोह का आयोजन किया जा रहा है. यह गरिमामय कार्यक्रम अर्जुनसिंह सद्भावना मंच रविन्द्र भवन मुक्ताकाश मंच पर 5 नवंबर रात 8 बजे से प्रारंभ होगा. इस अवसर पर अखिल भारतीय मुशायरा और कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया है...
प्रतिष्ठित हस्तियों को मिलेगा अर्जुन सिंह अलंकरण
अर्जुन सिंह अलंकरण से इस वर्ष चार विशिष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित किया जाएगा, सप्रे संग्रहालय के संस्थापक, वरिष्ठ पत्रकार पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर, पूर्व ओलंपियन हॉकी खिलाड़ी अशोक ध्यानचन्द्र, प्रसिद्ध कलाधर्मी पद्मश्री हरिचन्दनसिंह भट्टी, और कबीर लोकगायक पद्मश्री प्रहलाद सिंह टिपानिया।
सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा
मुशायरा और कवि सम्मेलन में नामचीन शायरों की शिरकत. इस अवसर पर आयोजित अखिल भारतीय मुशायरे और कवि सम्मेलन में देश के प्रख्यात रचनाकार मंच साझा करेंगे। इनमें शामिल हैं. ताहिर फराज, पापुलर मेरठी, शकील आजमी, खुर्शीद हैदर (मुजफ्फरनगर), नदीम फार्रुख (एटा), मुमताज नसीम (दिल्ली), बिलाल सहारनपुरी (सहारनपुर) और तबरेज़ मुनव्वर राणा (लखनऊ).
मुख्य अतिथि और विशेष अतिथि
समारोह में महाराष्ट्र कांग्रेस प्रभारी रमेश चेन्निथला मुख्य अतिथि होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता अमेठी के सांसद किशोरीलाल शर्मा करेंगे. विशेष अतिथियों में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आरिफ नसीम खान, भोपाल के विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील शामिल होंगे. आयोजन समिति के संरक्षक और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और उनके बड़े भाई अभिमन्यु सिंह अतिथियों का स्वागत और आभार व्यक्त करेंगे. समिति के सचिव डा. महेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि प्रदेशभर के गणमान्य नागरिकों को इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है.
स्व. अर्जुन सिंह की जयंती पर पुष्पांजलि कार्यक्रम
दिनभर चलने वाले इस आयोजन के तहत प्रातः 10:30 बजे स्व. अर्जुन सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी, जबकि 11 बजे प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन होग. डा. महेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि स्व. अर्जुन सिंह की जयंती पर यह कार्यक्रम हर वर्ष आयोजित किया जाता है. उन्होंने कहा कि अर्जुन सिंह ने राजनीति को सदैव लोकसेवा का माध्यम माना और समाज के वंचित वर्गों, आदिवासियों एवं पिछड़ों के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए. उनकी नीतियों में तेन्दूपत्ता नीति, महाजन आयोग की सिफारिशें, झुग्गीवासियों और रिक्शेवालों को मालिकाना हक, कला-संस्कृति का संवर्धन, राजीव-लोंगोवाल समझौता और ओबीसी आरक्षण की पहल प्रमुख हैं. स्व. अर्जुन सिंह के योगदान को याद करते हुए यह समारोह न केवल श्रद्धांजलि का अवसर है, बल्कि उनके आदर्शों को जनमानस तक पहुंचाने का भी प्रयास है.