राजधानी भोपाल में रिहायशी इलाकों में नियमों के खिलाफ चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर नगर निगम अब बड़े स्तर पर कार्रवाई करने जा रहा है. नगर निगम सोमवार से सीलिंग ड्राइव शुरू करेगा. इसके तहत उन दुकानों, ऑफिस, होटल और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जाएगी, जो आवासीय भवनों में बिना अनुमति या निर्धारित लैंड यूज के विपरीत संचालित हो रहे हैं.
नगर निगम अब तक 8,264 से ज्यादा भवनों को अधिभोग उल्लंघन के नोटिस जारी कर चुका है. अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई से पहले संबंधित संचालकों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जा रहा है. इसके बाद अंतिम 24 घंटे का नोटिस देकर नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों को सील किया जाएगा.
गौतम नगर से शुरू हुई बड़ी कार्रवाई
रिहायशी क्षेत्र में कमर्शियल गतिविधि के खिलाफ नगर निगम की पहली बड़ी कार्रवाई गौतम नगर में हुई थी. वार्ड-58 के एक आवासीय भवन में संचालित OYO होटल को नगर निगम ने सील कर दिया था. निगम के अनुसार भवन मालिक को पहले कारोबार बंद करने और भवन को मूल स्वरूप में लाने का नोटिस दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद व्यावसायिक गतिविधि जारी रही.
इस कार्रवाई में नगर निगम की भवन अनुज्ञा, राजस्व और अतिक्रमण शाखा की संयुक्त टीम शामिल थी. मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा.
60 हजार से ज्यादा प्रतिष्ठान रडार पर
नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक भोपाल में करीब 62 हजार व्यावसायिक प्रतिष्ठान दर्ज हैं. इनमें से करीब 2 हजार ही लैंड यूज नियमों के अनुरूप पाए गए हैं. ऐसे में करीब 60 हजार प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है.
शुरुआती कार्रवाई मिसरोद, हबीबगंज, रातीबड़, कोहेफिजा, गोविंदपुरा और ऐशबाग जैसे इलाकों में किए जाने की तैयारी है.
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सख्ती
रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद तेज हुई है. कोर्ट के निर्देश के मुताबिक आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई की जानी है. नगर निगम को इस मामले में आगे भी अनुपालन रिपोर्ट पेश करनी है.
रहवासियों की शिकायतों के बाद भी बढ़ा दबाव
रिहायशी इलाकों में कमर्शियल गतिविधियों को लेकर रहवासी लंबे समय से शिकायत करते रहे हैं. उनका कहना है कि दुकानों, होटल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के कारण ट्रैफिक, पार्किंग, शोर और भीड़ की समस्या बढ़ती है. वहीं व्यापारी संगठनों ने सीलिंग कार्रवाई के तरीके और इसके असर को लेकर विरोध जताया है. अब सोमवार से शुरू होने वाली सीलिंग ड्राइव में नगर निगम कितने प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करता है, इस पर सभी की नजर रहेगी.