2 साल की मासूम की मौत मामले में कब्र से निकाला शव, 5 डॉक्टरों के पैनल ने किया दोबारा पोस्टमार्टम
इंदौर में दो वर्षीय बच्ची काशवी की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। परिजनों द्वारा इलाज में लापरवाही और गलत उपचार के आरोप लगाए जाने के बाद प्रशासन की अनुमति से बच्ची के शव को कब्र से निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। पांच डॉक्टरों के विशेष पैनल की मौजूदगी में हुई इस प्रक्रिया के दौरान विसरा भी सुरक्षित रखा गया है।
इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के भंवरकुआं थाना क्षेत्र में एक दो वर्षीय मासूम बच्ची की मौत के मामले में बेहद चौंकाने वाला और बड़ा मोड़ सामने आया है। परिजनों द्वारा इलाज में गंभीर लापरवाही और गलत उपचार के आरोप लगाए जाने के बाद, प्रशासन की विशेष अनुमति से बच्ची के शव को दफनाने के बाद कब्र से बाहर निकाला गया। इसके बाद पांच डॉक्टरों के विशेष पैनल की मौजूदगी में शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया।
तीन अस्पतालों में चला था इलाज, परिजनों का आरोप- 'गलत ट्रीटमेंट से गई जान'..
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, दो वर्षीय मासूम बच्ची काशवी को अचानक उल्टी और दस्त की शिकायत हुई थी। इसके बाद परिजन उसे उपचार के लिए शहर के तीन अलग-अलग अस्पतालों में लेकर गए थे। हालांकि, इलाज के दौरान ही मासूम ने दम तोड़ दिया।
बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधनों पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने और गलत दवाइयां (गलत ट्रीटमेंट) देने का गंभीर आरोप लगाया। परिजनों के हंगामे और लिखित शिकायत के बाद भंवरकुआं थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की थी।
SDM की अनुमति के बाद निकाला गया शव, विसरा सुरक्षित..
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। एसडीएम (SDM) से विशेष अनुमति प्राप्त करने के बाद बच्ची के शव को कब्र से बाहर निकाला गया।
5 डॉक्टरों का पैनल..
मौत की सही वजहों का पता लगाने के लिए जिला प्रशासन ने पांच डॉक्टरों का एक विशेष मेडिकल पैनल गठित किया, जिनकी निगरानी में दोबारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई।
विसरा जांच..
डॉक्टरों ने मौत के वास्तविक और वैज्ञानिक कारणों का पता लगाने के लिए बच्ची का विसरा (Viscera) सुरक्षित रख लिया है, जिसे फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा। इसके साथ ही उपचार के दौरान दी गई दवाओं और मेडिकल प्रक्रियाओं की भी बारीकी से जांच की जाएगी।
तीनों अस्पतालों के मेडिकल रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस..
इस पूरे मामले में अब पुलिस की सुई उन तीन निजी अस्पतालों की तरफ घूम गई है, जहां बच्ची को भर्ती कराया गया था।
अमरेंद्र सिंह (एडिशनल डीसीपी, इंदौर) के मुताबिक..
परिजनों के आरोपों के बाद मर्ग दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस अब उन तीनों अस्पतालों से बच्ची के इलाज से जुड़े तमाम दस्तावेज, प्रिसक्रिप्शन और मेडिकल रिकॉर्ड जुटा रही है। पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट, विसरा जांच के नतीजे और चिकित्सा दस्तावेजों के बारीकी से विश्लेषण के बाद ही मौत के असली कारणों और डॉक्टरों की लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। दोषी पाए जाने पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

