72 घंटे में अंधे कत्ल का खुलासा: पत्नी निकली हत्यारी, प्रेमी के साथ मिलकर रची साजिश
पत्नी, प्रेमी और उसके साथी ने रची हत्या की साजिश, चितरंगी पुलिस ने 72 घंटे में किया अंधे कत्ल का खुलासा, तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
सिंगरौली। जिले के चितरंगी थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर खुलासा किया। चितरंगी पुलिस के अनुसार, मृतक की पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल और अन्य साक्ष्य जब्त किए हैं।
21 जून को संदिग्ध अवस्था में मिला था शव
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 21 जून 2026 को ग्राम भरी निवासी 38 वर्षीय रघुनाथ उर्फ सरजू खेरवार का शव नेशनल हाईवे-39 के किनारे एक बोल्डर के पीछे संदिग्ध अवस्था में मिला था। सूचना मिलने पर चितरंगी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक 19 जून को गांव में एक शादी समारोह में जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा था।
प्रारंभिक जांच के दौरान मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना चितरंगी और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मामले की गहन पड़ताल की। पूछताछ में पता चला कि मृतक और उसकी पत्नी रामकली खेरवार के बीच अक्सर विवाद होता था। इसी दौरान पुलिस को रामकली के किसी अन्य युवक से संबंध होने की जानकारी मिली।
रामकली का प्रेम संबंध, ऐसे बनाई हत्या की योजना
जांच में खुलासा हुआ कि रामकली का प्रेम संबंध ग्राम मलगा निवासी नीरज कुमार साह से था। पुलिस के अनुसार रामकली ने अपने प्रेमी नीरज को बताया था कि उसका पति उनके संबंधों में बाधा बन रहा है। इसके बाद दोनों ने हत्या की योजना बनाई। 19 जून को नीरज अपने साथी सूरज सिंह गोंड के साथ मोटरसाइकिल से भरी गांव पहुंचा और मृतक को शराब पिलाने के बहाने नेशनल हाईवे-39 के किनारे ले गया।
पुलिस के अनुसार वहां नीरज और सूरज ने रघुनाथ खेरवार के साथ मारपीट की और पत्थर से सिर पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को सड़क किनारे बोल्डर के पीछे फेंक दिया गया। घटना को अंजाम देने के बाद नीरज ने फोन पर रामकली को हत्या की जानकारी दी और अपने गांव लौट गया।
तीनों आरोपी गिरफ्तार, मोटरसाइकिल और मोबाइल जब्त
मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने 25 जून को आरोपी नीरज कुमार साह (23 वर्ष), सूरज सिंह गोंड (22 वर्ष) और रामकली खेरवार (30 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन सहित अन्य साक्ष्य जब्त किए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 61(2) बीएनएस और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में थाना प्रभारी चितरंगी निरीक्षक सुधेश तिवारी के नेतृत्व में गठित टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में उप निरीक्षक पवन सिंह, उप निरीक्षक आर.के. वर्मा, उप निरीक्षक उमेश तिवारी, सहायक उप निरीक्षक रमेश साकेत, प्रधान आरक्षक सतीश दीक्षित, प्रधान आरक्षक संत कुमार, आरक्षक मुकेश पाण्डेय, आरक्षक सुदर्शन चौहान, आरक्षक अमलेश सिंह, आरक्षक प्रशांत केशरी, आरक्षक सुमन पटेल, आरक्षक राजेश मिश्रा और आरक्षक सर्वदानन्द शामिल रहे।
Varsha Shrivastava 
