ईशान किशन ने ‘रिस्क’ लेकर थमाई वैभव सूर्यवंशी को गेंद; 4 बॉल में 2 विकेट लेकर बोले- मैं विकेट-टेकर हूं

दलीप ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी ने बल्ले के बाद गेंद से भी कमाल दिखाया. ईस्ट जोन के लिए खेलते हुए वैभव ने 3 ओवर में 2 विकेट लिए. ईशान किशन के ‘रिस्क’ वाले फैसले पर वैभव ने मजेदार बात कही.

ईशान किशन ने ‘रिस्क’ लेकर थमाई वैभव सूर्यवंशी को गेंद; 4 बॉल में 2 विकेट लेकर बोले- मैं विकेट-टेकर हूं

वैभव सूर्यवंशी को अब तक आपने बल्ले से बड़े-बड़े शॉट लगाते देखा होगा. लेकिन दलीप ट्रॉफी में इस 15 साल के खिलाड़ी ने अपने खेल का एक और रंग दिखा दिया. ईस्ट जोन के लिए खेलते हुए वैभव ने नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ सिर्फ 3 ओवर गेंदबाजी की और 2 विकेट निकाल लिए. खास बात ये रही कि ये दोनों विकेट उन्हें सिर्फ 4 गेंदों के अंदर मिले.

मजेदार बात ये है कि वैभव को गेंद सौंपना खुद कप्तान ईशान किशन के लिए एक तरह का रिस्क था. लेकिन वैभव ने गेंद हाथ में आते ही ऐसा असर डाला कि कप्तान का फैसला सही साबित हो गया.

बल्ला नहीं चला तो गेंद से कर दिया कमाल

दलीप ट्रॉफी में डेब्यू कर रहे वैभव से सभी को बल्ले से धमाके की उम्मीद थी. लेकिन नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ पहली पारी में वह सिर्फ 8 रन बनाकर आउट हो गए.

इसके बाद ईस्ट जोन ने 467 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. नॉर्थ ईस्ट जोन की पहली पारी सिर्फ 111 रन पर सिमट गई और टीम को फॉलोऑन खेलना पड़ा. दूसरी पारी में जब नॉर्थ ईस्ट जोन के विकेट आसानी से नहीं गिर रहे थे, तब कप्तान ईशान किशन ने वैभव को गेंद थमा दी.

4 गेंद...2 विकेट

वैभव ने गेंद संभाली और कुछ ही देर में मैच में अपना असर छोड़ दिया. उन्होंने पहले किशन लिंगदोह को आउट किया. इसके बाद अगली गेंदों में इमलीवती लेमटूर का विकेट भी हासिल कर लिया.

यानी 15 साल के वैभव ने सिर्फ चार गेंदों के अंदर दो विकेट निकाल दिए. उनकी गेंदबाजी ने नॉर्थ ईस्ट जोन की मुश्किलें और बढ़ा दीं. वैभव ने अपने तीन ओवर के स्पेल में 11 रन देकर 2 विकेट लिए. इस प्रदर्शन के बाद उनके फर्स्ट क्लास क्रिकेट में विकेटों की संख्या 4 हो गई है.

‘ईशान भैया को लगा रिस्क ले रहे हैं, लेकिन...’

BCCI ने वैभव का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह अपनी गेंदबाजी को लेकर मजेदार अंदाज में बात करते नजर आए. वैभव ने बताया कि विरोधी टीम के विकेट नहीं गिर रहे थे, इसलिए उन्हें 2-3 ओवर गेंदबाजी करने के लिए कहा गया. उनके मुताबिक ईशान किशन को लगा कि उन्हें गेंद देना रिस्क हो सकता है. लेकिन वैभव ने मजाकिया अंदाज में कहा कि ईशान को पता ही नहीं था कि वह विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं.

‘बैटिंग खराब गई, इसलिए बॉलिंग से योगदान अच्छा लगा’

वैभव ने कहा कि उनकी बैटिंग उस मैच में अच्छी नहीं रही, इसलिए गेंद से टीम के लिए योगदान देना उन्हें काफी अच्छा लगा. उन्होंने यह भी कहा कि जब कोई बल्लेबाज विकेट लेता है तो उससे ज्यादा खुशी की बात कुछ नहीं होती. अब वैभव के सामने अगली चुनौती दलीप ट्रॉफी का सेमीफाइनल है. ईस्ट जोन का मुकाबला 30 अगस्त को सेंट्रल जोन से होना है. इस मैच में एक बार फिर नजर वैभव पर रहेगी क्या वह बल्ले से कमाल करेंगे या गेंद से फिर कोई सरप्राइज देंगे?