सैकड़ों पेड़ उजाड़े, दो सौ से अधिक डंपरों से हो रहा अवैध उत्खनन

सैकड़ों पेड़ उजाड़े, दो सौ से अधिक डंपरों से हो रहा परिवहन सरस्वती शिशु मंदिर, RSS  कैंपस से चंद मीटर की दूरी पर हो रहा अवैध उत्खनन। एक ही रॉयल्टी पर्ची के सहारे कई वाहन निकाले, शिकायत के बाद भी मूक दर्शक बने वन व खनिज विभाग, धरती का सीना छलनी कर रहे खनन माफिया

सैकड़ों पेड़ उजाड़े, दो सौ से अधिक डंपरों से हो रहा अवैध उत्खनन

अजीत द्विवेदी भोपाल: राजधानी से लगे ग्रामीण क्षेत्र में खनन का अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। यहां खनिज माफिया ने सभी नियम कायदों को ताक पर रख दिया है। खास बात यह है कि जहां उत्खनन किया जा रहा है, उस जगह से चंद मीटर की दूरी पर न सिर्फ आनंद तीर्थ शिशु मंदिर है, बल्कि आरसएस का कैंपस भी यहीं स्थित है। बावजूद इसके माफिया पर न तो कार्रवाई हुई और न ही अफसरों ने इसकी जांच करना जरूरी समझा। स्कूल के पास चल रहा यह अवैध खनन कभी भी छात्रों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

बैरसिया विधानसभा में आने वाले शाहपुर ग्राम से कुछ दूरी पर आनंद तीर्थ शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर व माता केरी विद्यालय संचालित हो रहा है। इसके पास ही आरएसएस का कैंपस भी है। इसी से चंद मीटर की दूरी पर कई एकड़ क्षेत्र में उत्खनन का कार्य किया जा रहा है। खनिज माफिया ने तमाम नियमों को ताक पर रखकर पूरे हरे-घरे जंगल का नामोनिशान ही मिटा दिया गया। सूत्रों की माने तो अपने रूतबे का रौब दिखाकर माफिया ने खनिज और वन विभाग के नियमों को अंगूठा दिखाते हुए अनुमति से अधिक पेड़ों की कटाई कर डाली। यही नहीं बिट्टू ठाकुर और सोनू सिसोदिया हाइवा से रोजाना 250-300 गाड़ी मुरम निकालकर अवैध खनन को अंजाम दे रहे हैं। खास बात तो यह है कि यहां से निकलने वाली किसी भी गाड़ी की रायल्टी नहीं काटी जाती। बगैर रायल्टी के सभी गाड़ियां धढ़ल्ले से निकल रही हैं।

कलेक्टर बदलते ही बेलगाम हुआ अवैध खनन

बैरसिया विधानसभा क्षेत्र में रात के अंधेरे में खदानों से निकल रहे वाहनों की आवाजाही और लगातार मिल रहीं शिकायतों ने खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि तत्कालीन कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने इस पर शिकंजा कसा और अवैध उत्खनन पर रोक भी लगी थी, लेकिन उनके जाने के बद एक बार फिर खनिज माफिया सक्रिय हो गए हैं। सूत्रों की माने तो क्षेत्र में तरुण सिंह उर्फ बिट्टू ठाकुर और सोनू सिसोदिया के संरक्षण में अवैध खनन का कारोबार फल-फूल रहा है। सबसे गंभीर आरोप रॉयल्टी व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों को लेकर लगाए जा रहे हैं।

बच्चों के लिए खतरा बना उत्खनन

स्कूल पास होने की वजह से यहां पढ़ने वाले बच्चों की जान पर भी लगातर खतरा बना हुआ है। बारिश के समय खदान में पानी भरने से यह खतरा और बढ़ गया है। ऐसे में अभिभावकों के चेहरे पर अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता की लकीरें जरूर देखी जा सकती है। सूत्रों की माने तो बिट्टू ठाकुर और अमन सिकनिया ने 7-8 महीने पहले मस्तीपुरा के बीनापुर में खसरा नंबर 2, जो की शासकीय भूमि है, यहां भी 8000 हजार से अधिक सागौन के पेड़ उजाड़ दिए थे। यहां भी किसी और खदान की लीज पर रातों-रात जंगल से कोपरा निकालकर शासकीय भूमि का सीना छलनी कर दिया था। इस मामले में भी शिकायतें हुई, लेकिन इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई कभी नहीं हो सकी।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि एक ही रॉयल्टी पचीं के सहारे कई-कई वाहनी से खनिज सामग्री का परिवहन किया जा रहा है। इतना ही नहीं, कई बार बिना वैध दस्तोजों के भी वाहन बेखौफ सड़‌कों पर दौड़ते नजर आते है। अब सवाल यह है कि आखिर खनिज विभाग, पुलिस और वन विभाग कब तक शिकायतों को नजरअंदाज करते रहेंगे। क्या बैरसिया में अवैध खनन के इस कथित खेल पर लगाम लगाने के लिए कोई बड़ा अभियान चलेगा या फिर धरती का सीना यूं ही छलनी होता रहेगा। क्षेत्रवासियों की निगाहें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।