25 जून 1975 देश की काली रात, इसे भारत कभी नहीं भूल सकता
25 जून 1975 देश की काली रात, इसे भारत कभी नहीं भूल सकता बोले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान
दिल्ली: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 25 जून 1975 को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का काला अध्याय बताते हुए कहा कि यह वह रात थी, जिसे भारत कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों पर गंभीर प्रहार किया गया था, जिसकी पीड़ा आज भी देश की स्मृतियों में दर्ज है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 25 जून 1975 की रात भारतीय लोकतंत्र पर ऐसा हमला हुआ, जिसने देश की आत्मा को झकझोर दिया। उस दौर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया, विपक्षी नेताओं को जेलों में बंद किया गया और आम नागरिकों के अधिकारों का हनन हुआ। उन्होंने कहा कि आपातकाल केवल एक राजनीतिक फैसला नहीं था, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने का प्रयास था।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी को भी यह जानना चाहिए कि लोकतंत्र कितने संघर्षों और बलिदानों के बाद मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि आपातकाल का दौर हमें यह सीख देता है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमेशा सजग रहना जरूरी है। चौहान ने कहा कि भारत की जनता ने हर कठिन दौर में लोकतंत्र को मजबूत करने का काम किया है और भविष्य में भी देश संविधान व लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

