उद्धव ठाकरे के 6 सांसद शिंदे शिवसेना में शामिल, आदित्य ठाकरे ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को कहा बिकाऊ

उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के 9 में से 6 सांसद सोमवार को एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए। बागी सांसदों ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ उनके नंदनवन बंगले में बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पार्टी बदलने का ऐलान किया।

उद्धव ठाकरे के 6 सांसद शिंदे शिवसेना में शामिल, आदित्य ठाकरे ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को कहा बिकाऊ

महाराष्ट्र की सियासत में इन दिनों भूचाल आया हुआ है। 22 जून सोमवार को उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के 9 में से 6 सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए।  उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ नंदनवन बंगले पर बैठक के बाद बागी सांसदों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और पार्टी बदलने का ऐलान किया। 

बता दें कि 6 सांसदों के शामिल होने के बाद लोकसभा में शिंदे गुट के सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर अब 13 हो गई है। वहीं, उद्धव गुट में सिर्फ 3 सांसद ही बचे हैं। साल 2022 के बाद शिवसेना में ये दूसरी बार टूट हुई। पार्टी ने साल 2024 के विधानसभा चुनाव में 288 में 20 सीटें जीती थीं।

शिंदे बोले- छक्का लग, आदित्य ने नेताओं को कहा- बिकाऊ

जहां एकनाथ शिंदे ने कहा कि 2022 में हमने पार्टी और धनुष-बाण बचाने के लिए विद्रोह किया था, तब 40 विधायक थे और अब छक्के लग चुके हैं। हमारी लड़ाई बालासाहेब के विचारों को बचाने के लिए है, इसीलिए आज ये 6 सांसद बालासाहेब की असली शिवसेना में शामिल हुए।

वहीं, उद्धव के बेटे आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट कर लिखा- पार्टी छोड़ने वाले सांसदों ने साबित कर दिया है कि उनकी वफादारी बिकाऊ है। कम से कम यह मान लीजिए कि लालच की वजह से आपने रातोंरात बिना किसी शर्म के यह सब छोड़ दिया। 

सांसद संजय राउत ने कहा- शिंदे ने 6 गद्दार पैदा किए हैं

इससे पहले उद्धव ठाकरे ने मुंबई में अपने विधायकों और विधान परिषद सदस्यों (MLC) के साथ बैठक की, जिसमें 4 विधायक निजी कारणों से नहीं पहुंचे। बागी सांसद संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टीकर, संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, संजय दीना पाटिल और ओमप्रकाश राजे निंबालकर 18 जून को शिवसेना (UBT) की संसदीय दल की बैठक में शामिल नहीं हुए थे। बैठक में सिर्फ 3 सांसद- अनिल देसाई, अरविंद सावंत और राजाभाऊ वाजे पहुंचे।

इधर, पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि शिंदे ने 6 गद्दार पैदा किए हैं। हालात संभालने के लिए अब सर्जरी करनी पड़ेगी। इससे पहले संजय राउत ने X पर बताया था- उद्धव 27 जून से महाराष्ट्र में जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रहे हैं। इस दौरान वे बागी सांसदों के लोकसभा क्षेत्रों में भी जाएंगे। जारी शेड्यल के अनुसार, उद्धव 27 जून को यवतमाल, वाशिम और हिंगोली जाएंगे। 28 जून को परभणी और धाराशिव का दौरा करेंगे। 29 जून को शिर्डी पहुंचेंगे।

6 सांसदों को दल-बदल कानून से मिल सकती है राहत

उद्धव ने 21 जून को मुंबई के भांडुप में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा पर पार्टी तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा- शिवसेना ने जिस भाजपा को उसके शुरुआती दौर में आगे बढ़ने में मदद की, आज वही शिवसेना तोड़ने का पाप कर रही है। भाजपा दूसरों के बच्चे चुराने का काम करती है। बालठाकरे की बनाई शिवसेना ने 30 साल तक कांग्रेस से लड़ाई लड़ी। लेकिन कांग्रेस ने कभी शिवसेना को खत्म करने या उसका नाम छीनने की कोशिश नहीं की। 

जानकारी के मुताबिक, पार्टी छोड़कर जाने वाले 6 सांसदों को दल-बदल कानून से राहत मिल सकती है। दल-बदल कानून के तहत किसी दल में टूट के बाद अयोग्यता से बचने के लिए कम से कम दो-तिहाई सांसदों का साथ होना जरूरी है। बता दें, जून 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 39 विधायकों ने बगावत कर शिवसेना को दो हिस्सों में बांट दिया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को शिवसेना नाम और धनुष-बाण चुनाव चिह्न दिया था। 

शिवसेना से पहले AAP-TMC के 27 सांसदों ने की बगावत

शिवसेना से पहले AAP-TMC के 27 सांसद बागी हुए हैं।  पिछले 3 महीने के दौरान विपक्षी गुट के 27 सांसदों ने अपनी पार्टी से बगावत करते हुए भाजपा या NDA को समर्थन दिया है। इनमें 7 AAP के राज्यसभा सांसद और 20 TMC के लोकसभा सांसद हैं।

इधर, यूपी में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) चीफ और मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी दावा किया है कि समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होने वाली है और पार्टी के कई नेता BJP में शामिल होने के लिए तैयार हैं। हालांकि, सपा चीफ अखिलेश यादव ने पार्टी में टूट की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि सपा मजबूत और एकजुट है। बल्कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के अपने विधायक पाला बदलने वाले हैं।