कार की जगह बाइक पर विदा हुई दुल्हन रास्ते पर दबंगों का ताला

कार की जगह बाइक पर विदा हुई दुल्हन, रास्ते पर दबंगों का ताला  सात माह से अंधेरे में 50 आदिवासी परिवार कब बहाल होगा रास्ता कब जलेगी बत्ती?

कार की जगह बाइक पर विदा हुई दुल्हन रास्ते पर दबंगों का ताला

राजेंद्र पयासी मऊगंज: जिले के लौर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले नौढ़िया गांव के आदिवासी बस्ती में सिस्टम की बेरुखी और तथाकथित दबंगई का संगम देखने को मिला। कथित सार्वजनिक रास्ते पर ताला और सात माह से गुल बिजली ने 50 परिवारों का जीना मुहाल कर दिया है। मजबूर होकर ग्रामीण 22 जून सोमवार शाम कलेक्ट्रेट पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई।

ग्रामीणों का दर्द है कि कुछ लोगों ने आम रास्ते पर कब्जा कर गेट लगाकर ताला जड़ दिया है। इसका खामियाजा 19 जून को रामजी कोल की बेटी को भुगतना पड़ा। शादी के बाद विदाई के समय डोली ले जाने का रास्ता तक नहीं था रास्ता के अभाव में घर तक चार पहिया वाहन नहीं पहुंचा जिसके कारण दुल्हन को बाइक पर बैठाकर ससुराल भेजना पड़ा। बुजुर्ग पंचम कोल ने बताया कि बीमार और बच्चों को कंधे पर लादकर ले जाना पड़ता है। कई बार शिकायत के बाद भी अतिक्रमण हटाने के आदेश सिर्फ कागजों में दबे हैं।

दूसरी ओर ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सात माह पहले अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के नाम पर पूरी बस्ती की बिजली काट दी गई। तब से 50 आदिवासी परिवार अंधेरे में रात काटने को मजबूर हैं। बरसात सिर पर है और पिछले साल की तरह बस्ती के फिर डूबने का खतरा मंडरा रहा है। गौरतलब है कि पिछले साल जलभराव के दौरान क्षेत्रीय विधायक गिरीश गौतम और अफसरों ने दौरा कर जल भराव प्रभावित पीड़ितों राहत राशि बांटी थी, लेकिन समस्या जस की तस है।
ग्रामीणों का आरोप है कि न रास्ता खुला, न बिजली आई। अब फिर बरसात में जान-माल का खतरा है। पीड़ितों ने कलेक्टर से मांग की है कि तुरंत रास्ता अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, बिजली बहाल हो और जलभराव का स्थायी समाधान निकले।