मऊगंज के जिलहड़ी में 5.83 लाख की सड़क में खुली लूट मानकों की उड़ी धज्जियां

मऊगंज के जिलहड़ी में 5.83 लाख की सड़क में खुली लूट मानकों की उड़ी धज्जियां, प्राक्कलन को ताक में रखकर सड़क का हो रहा निर्माण कार्य, सड़क बनी भ्रष्टाचार का अड्डा, ग्रामीण बोले,जांच कराओ तो खुलेंगी परतें

मऊगंज के जिलहड़ी में 5.83 लाख की सड़क में खुली लूट मानकों की उड़ी धज्जियां

राजेंद्र पयासी मऊगंज:  नईगढ़ी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत जिलहड़ी के सिंगई गांव में विकास की जगह भ्रष्टाचार की नींव रखी जा रही है। नागेंद्र सिंह के घर से श्रीनाथ सिंह के घर तक 5,83,000 रुपये की लागत से बन रही लगभग 150 मीटर लंबी पीसीसी सड़क निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितता के आरोप लगे हैं।  स्वीकृत एस्टीमेट साफ कहता है कि पहले 10 सेंटीमीटर मोरम की परत बिछेगी, फिर 40 एमएम गिट्टी युक्त कंक्रीट का बेस डाला जाएगा। इसके ऊपर 20 एमएम गिट्टी और सीमेंट से मजबूत कंक्रीट की ऊपरी परत बनाई जाएगी और कंक्रीट डालने से पूर्व पूरी प्रक्रिया में रोलर चलाना अनिवार्य है। लेकिन मौके पर हालात चौंकाने वाले हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मुरुम नहीं डाली गई, बेस में गिट्टी डालकर रोलर तक नहीं चलाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण में उपयोग हो रही सामग्री की गुणवत्ता और मात्रा दोनों संदेह के घेरे में हैं। यदि अभी तकनीकी जांच हो जाए तो कई गंभीर खामियां सामने आएंगी। ग्रामीणों ने इसे लापरवाही नहीं बल्कि सुनियोजित भ्रष्टाचार बताया है।

सरपंच सचिव उपयंत्री की तिकड़ी पर उठे सवाल

गांव में सबसे ज्यादा चर्चा उस तथाकथित 'तीन की तिकड़ी' को लेकर है जिसमें सरपंच, पंचायत सचिव और संबंधित तकनीकी अधिकारी या इंजीनियर शामिल हैं। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इन तीनों की मिलीभगत से ही नियमों को ताक पर रखकर काम कराया जा रहा है।  सबसे बड़ा सवाल विभागीय अधिकारियों की चुप्पी पर है। जब गांव में खुलेआम शिकायतें हो रही हैं, ग्रामीण वीडियो बना रहे हैं, तो अब तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। यहां सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या निर्माण कार्यों की निगरानी केवल कागजों और फाइलों तक सीमित रह गई है?  ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों की यह चुप्पी संदेह को और मजबूत कर रही है। ऐसा लगता है कि भ्रष्टाचार करने वालों को ऊपर से संरक्षण मिला हुआ है। विभागीय उदासीनता के कारण सरकारी योजनाएं कुछ लोगों की कमाई का माध्यम बनती जा रही हैं। इसका सीधा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। लोगों को डर है कि यह सड़क पहली बारिश भी नहीं झेल पाएगी।

प्रशासन से गुहार जांच हो और दोषियों से हो वसूली

आक्रोशित ग्रामीणों ने कलेक्टर मऊगंज एवं जिला पंचायत सीईओ से पूरे मामले की निष्पक्ष, तकनीकी और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता किया गया तो कुछ ही महीनों में सड़क उखड़ जाएगी और 5.83 लाख रुपये की पूरी परियोजना बेकार साबित होगी।  ग्रामीणों ने कहा सड़क की मोटाई की नाप कराई जाए। उपयोग किए जा रहे मटेरियल के गुणवत्ता की लैब टेस्टिंग हो। निर्माण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई जाए।अब तक हुए भुगतान के दस्तावेज और मस्टर रोल खंगाले जाएं।  लोगों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित सरपंच, सचिव और इंजीनियर के खिलाफ न केवल विभागीय कार्रवाई हो बल्कि शासकीय राशि की वसूली भी सुनिश्चित की जाए। भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए दोषियों पर विधि संगत वैधानिक कार्यवाही की जाए। नईगढ़ी विकासखंड के ग्राम पंचायत जिलहड़ी की यह सड़क अब केवल एक निर्माण कार्य नहीं बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही की परीक्षा बन गई है।फिलहाल ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।