इंदौर गैस पाइपलाइन ब्लास्ट: इंफ्लुएंसर का ICU से वीडियो जारी, जिनी झाला ने बताया- लोग तमाशा देख रहे थे

हादसे में गंभीर रूप से झुलसी सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर जिनी झाला ने हॉस्पिटल से वीडियो जारी कर बताया कि मौके पर सुरक्षा इंतज़ाम नहीं थे और मैंने पानी में कूदकर अपनी जान बचाई

इंदौर गैस पाइपलाइन ब्लास्ट: इंफ्लुएंसर का ICU से वीडियो जारी, जिनी झाला ने बताया- लोग तमाशा देख रहे थे

इंदौर के विजय नगर इलाके में अवंतिका गैस पाइपलाइन में हुए विस्फोट में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर गिरि राजकुमारी उर्फ जिनी झाला गंभीर रूप से झुलस गईं। हादसे के समय वह एक्टिवा से जा रही थीं, तभी अचानक जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते आग की लपटें फैल गईं। इस घटना में जिनी लगभग 20 से 25 प्रतिशत तक झुलस गईं, लेकिन किसी ने उनकी मदद नहीं की।

जिनी खुद से किसी तरह बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंची, जहां अभी वह आईसीयू में भर्ती हैं। जिनी ने बताया कि इस हादसे में उनकी स्किन पूरी तरह जल गई है और अब नवो वापस आएगी भी कि नहीं उसे भी नहीं पता। अब वह कभी ऑन कैमरा भी सोशल मीडिया पर नहीं आ पाएगी। जिनी झाला ने आरोप लगाया कि जब कोई काम किया जा रहा हो तो प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि आम लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाए।

लोग तमाशा देखते रहे, मैंने पानी में कूदकर जान बचाई

अस्पताल से जारी वीडियो में जिनी झाला ने अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि घटना स्थल पर न तो कोई बैरिकेडिंग थी और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे। जैसे ही आग फैली, उन्होंने खुद को बचाने के लिए पास में जमा बारिश के पानी के गड्ढे में छलांग लगा दी।

जिनी के अनुसार, उन्होंने वहां मौजूद लोगों से मदद मांगी और अपने ऊपर पानी डालने की गुहार लगाई, लेकिन शुरुआती तौर पर कोई भी आगे नहीं आया। बाद में एक व्यक्ति ने उन पर दो बाल्टी पानी डाला, जिससे कुछ राहत मिली, लेकिन तब तक उनका बायां हाथ गंभीर रूप से झुलस चुका था।

अस्पताल पहुंचने में भी नहीं मिली मदद

हादसे के बाद जिनी झाला ने बताया कि उन्होंने राहगीरों से अस्पताल तक पहुंचाने की गुहार लगाई, लेकिन लोग डर के कारण आगे नहीं आए। अंततः उन्होंने एक रैपिडो बाइक सवार से मदद ली और खुद बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचीं। अस्पताल पहुंचते ही उन्होंने डॉक्टरों से तुरंत इलाज शुरू करने की अपील की। वीडियो में उन्होंने भावुक होकर कहा कि अगर उस समय उन्होंने हिम्मत नहीं दिखाई होती, तो शायद उनकी जान बचाना मुश्किल हो जाता।

डॉक्टरों के अनुसार, जिनी झाला के बाएं हाथ पर गहरी चोटें हैं और त्वचा की दो लेयर्स पूरी तरह जल चुकी हैं। तीसरी लेयर भी गंभीर रूप से प्रभावित है। अब तक एक सर्जरी हो चुकी है, जबकि तीन और सर्जरी बाकी हैं। डॉक्टरों ने बताया है कि पूरी तरह ठीक होने में तीन से चार महीने का समय लग सकता है। परिजनों के अनुसार, उनका चेहरा और शरीर का एक हिस्सा भी गंभीर रूप से झुलस गया है, जिससे उनकी हालत नाजुक बनी हुई है, हालांकि वे आईसीयू में निगरानी में हैं।

परिजनों ने लगाए प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

जिनी के मंगेतर रजत प्रताप सिंह ने बताया कि हादसे के समय वह देहरादून जा रहे थे। उन्होंने कहा कि वह ड्राइविंग कर रहे थे इसलिए फोन नहीं उठा पाए, लेकिन बाद में दूसरे नंबरों से सूचना मिली कि जिनी गंभीर हादसे में घायल हो गई हैं। रजत ने आरोप लगाया कि जिस स्थान पर काम चल रहा था, वहां कथित रूप से बिना अनुमति बोरिंग का कार्य किया जा रहा था, जबकि प्रशासन ने पहले से ही इस पर रोक लगाई हुई थी। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को शिकायत देने के बावजूद दो दिन तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई।

घटना को लेकर जिनी झाला और उनके परिवार ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मौके पर सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण यह हादसा हुआ। परिजनों का यह भी कहना है कि जब तक काम चल रहा था, तब तक आम लोगों की सुरक्षा का कोई ध्यान नहीं रखा गया। इसी मामले में विजयनगर थाने में दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।

वहीं, जिनी के माता-पिता ने उनकी स्थिति को देखते हुए प्रशासन से मांग की है कि उन्हें बेहतर इलाज के लिए अहमदाबाद के किसी उच्च स्तरीय बर्न यूनिट अस्पताल में एयरलिफ्ट किया जाए। उनका कहना है कि बॉम्बे हॉस्पिटल में बर्न यूनिट की सुविधाएं सीमित हैं और बेटी की हालत को देखते हुए बेहतर उपचार आवश्यक है।