2800 करोड़ का कर्ज  फिर लेगी MP सरकार

2800 करोड़ का कर्ज  फिर लेगी MP सरकार 8 और 22 साल के बॉन्ड जारी कर जुटाएगी राशि  5 लाख करोड़ पार  हुई कुल देनदारी

2800 करोड़ का कर्ज  फिर लेगी MP सरकार

भोपाल: मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार एक बार फिर बाजार से 2800 करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है। इसके लिए वित्त विभाग ने 23 जून को राज्य विकास ऋण (State Government Securities) के जरिए दो चरणों में बॉन्ड जारी करने की अधिसूचना जारी की है। यह राशि 1600 करोड़ और 1200 करोड़ रुपए के रूप में जुटाई जाएगी। इस नए कर्ज के बाद चालू वित्त वर्ष में राज्य सरकार द्वारा लिया गया कुल कर्ज 13,800 करोड़ रुपए पहुंच जाएगा। वहीं प्रदेश पर कुल कर्ज बढ़कर करीब 5 लाख 2 हजार करोड़ रुपए हो जाएगा।

दो तरह के बॉन्ड जारी करेगी सरकार

वित्त विभाग के अनुसार सरकार 7.64 % ब्याज दर वाले मध्यप्रदेश एसजीएस-2034 के री-इश्यू के जरिए 1600 करोड़ रुपए जुटाएगी। इस ऋण की अवधि 8 साल होगी। इसके ब्याज का भुगतान हर साल 29 अप्रैल और 29 अक्टूबर को किया जाएगा। इसके अलावा 7.83 % ब्याज दर वाले मध्यप्रदेश एसजीएस-2048 के जरिए 1200 करोड़ रुपए जुटाए जाएंगे। इस ऋण की अवधि 22 साल होगी। दोनों बॉन्ड की नीलामी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा ई-कुबेर प्रणाली के माध्यम से कराई जाएगी।

विकास कार्यों पर खर्च होगी राशि

राज्य सरकार का कहना है कि बॉन्ड से जुटाई जाने वाली राशि का उपयोग प्रदेश में विकास कार्यों और अधोसंरचना परियोजनाओं पर किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार से आवश्यक अनुमति भी मिल चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार यह राशि सड़क निर्माण, सिंचाई परियोजनाओं, बिजली व्यवस्था, जल संसाधन विकास, संचार सुविधाओं और अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं में खर्च की जा सकती है।

मार्च 2026 तक 4.88 लाख करोड़ था कर्ज

वित्तीय दस्तावेजों के अनुसार 31 मार्च 2026 तक मध्यप्रदेश पर कुल 4.88 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज था। सरकार का दावा है कि ऋण की राशि का उपयोग सिंचाई, ऊर्जा, सहकारी संस्थाओं और अन्य पूंजीगत विकास कार्यों में किया गया है। अब 2800 करोड़ रुपए के नए ऋण के साथ राज्य का कुल कर्ज बढ़कर करीब 5.02 लाख करोड़ रुपए पहुंच जाएगा।