भोपाल: CM डॉ. मोहन यादव ने किया कृषक वर्ष- 2026 का शुभारंभ, 1101 ट्रैक्टरों को दिखाई हरी झंडी
मध्य प्रदेश सरकार 11 जनवरी को भोपाल में कृषक कल्याण वर्ष–2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जंबूरी मैदान में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।
भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 11 जनवरी को भोपाल में कृषक कल्याण वर्ष- 2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जंबूरी मैदान में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1101 ट्रैक्टरों की विशाल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सीएम यादव खुद ट्रैक्टर चलाकर रैली में शामिल हुए। इस दौरान उनके साथ कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना, विधायक रामेश्वर शर्मा भी ट्रैक्टर पर सवार हुए।
इस अवसर मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस साल हमारी सरकार किसानों के लिए नई- नई योजना लेकर आएगी। पहले एग्रीकल्चर एक विभाग होता था हमने 16 विभाग बनाए। हमारे राज्य की कृषि विकास दर 16 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ रही है। राज्य को समृद्ध बनाने के लिए, किसानों की आय बढ़ाने के लिए इसी प्रकार के संकल्प की आवश्यकता है। 2026 होगा “कृषक कल्याण वर्ष”, किसानों की समृद्धि के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्ष 2026 प्रदेश के किसानों के लिए नई उम्मीदों और नए अवसरों का वर्ष होगा। किसानों को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी समृद्धि सुनिश्चित करना सरकार का सर्वोच्च लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने रविवार को भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित विशाल किसान सम्मेलन में वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाने की अधिकृत घोषणा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। खेती को आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, सिंचाई, भंडारण और बेहतर बाजार व्यवस्था से जोड़कर लाभ का व्यवसाय बनाया जाएगा।

किसानों की आमदनी बढ़ाने पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी। खेती को केवल आजीविका नहीं, बल्कि समृद्धि का माध्यम बनाया जाएगा। सम्मेलन के दौरान ई-विकास, वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान प्रणाली (विकास पोर्टल) का शुभारंभ भी किया गया। साथ ही कृषक कल्याण वर्ष 2026 की कार्ययोजना पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।
पूरा साल किसानों के नाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने पूरा साल किसानों के कल्याण के लिए समर्पित किया है। पराली से आय बढ़ाने, सिंचाई रकबा बढ़ाने और बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं से किसानों को लाभ पहुंचाया जाएगा। पार्वती–कालीसिंध–चंबल (पीकेसी) नदी लिंक, केन–बेतवा लिंक और ताप्ती ग्राउंड वाटर रिचार्ज मेगा परियोजना से प्रदेश के 25 जिलों में 16 लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त कृषि भूमि सिंचित होगी।

अनुसंधान, सिंचाई और सोलर पंप पर बड़ा फैसला
- मुख्यमंत्री ने बताया कि
- डिण्डोरी में मध्यप्रदेश राज्य श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र की स्थापना
- ग्वालियर में सरसों अनुसंधान केंद्र
- उज्जैन में चना अनुसंधान केंद्र
- अगले तीन वर्षों में 30 लाख किसानों को सोलर पावर पंप
- वर्ष 2028-29 तक सिंचाई रकबा 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य
किसानों को लौटाया जाएगा उनका वैभव
कृषक कल्याण वर्ष में 16 से अधिक विभाग आपसी समन्वय से किसानों के समग्र कल्याण के लिए काम करेंगे।
- सरसों को भी भावांतर योजना में शामिल किया जाएगा
- कृषि आधारित उद्योगों को सब्सिडी
- सभी मंडियों का आधुनिकीकरण
- बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं को सशक्त किया जाएगा
कृषि तंत्र होगा और मजबूत
- मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विभाग और राज्य कृषि विपणन मंडी बोर्ड में रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की जाएगी।
- माइक्रो इरिगेशन सिस्टम का विस्तार
- फसल नुकसान का आधुनिक तकनीक से सर्वे
- शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण योजना जारी रहेगी
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“किसान की मुस्कान ही प्रदेश की समृद्धि”
मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता मध्यप्रदेश के माथे का तिलक हैं। किसान का पसीना ही प्रदेश की पहचान है।
कृषक कल्याण वर्ष के माध्यम से:
- कृषि आधारित उद्योग
- फूड प्रोसेसिंग यूनिट
- जैविक और प्राकृतिक खेती
- कृषि पर्यटन
- डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जाएगा
किसानों के लिए सरकार के 10 संकल्प
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने और लागत घटाने के लिए सरकार ने 10 दिशात्मक मॉडल तैयार किए हैं, जिनमें:
- प्राकृतिक खेती
- ड्रॉप मोर क्रॉप 2.0
- बायोगैस व हरित ऊर्जा
- एग्री-स्टार्टअप
- एमपी ग्लोबल एग्री ब्रांडिंग
- रिसर्च और इनोवेशन प्रमुख हैं।
कृषक कल्याण वर्ष 2026 का कैलेंडर जारी
- फरवरी: कोदो-कुटकी बोनस वितरण
- मार्च: प्राकृतिक खेती संगोष्ठी
- मई: नर्मदापुरम आम महोत्सव
- अगस्त-सितंबर: एफपीओ कन्वेंशन (इंदौर)
- अक्टूबर-नवंबर: फूड फेस्टिवल व गन्ना महोत्सव
प्रदर्शनी का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने कृषि विकास प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। प्रदर्शनी में 65 प्रकार के उन्नत कृषि यंत्रों और देशी-विदेशी गौवंश का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन कर सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ किया तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितलाभ वितरित किए।
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