लव जिहाद का शिकार हुई रीवा की बेटी: 35 दिन बाद कब्र से निकाली गई लाश, गोल्डी साकेत की मौत ने खड़े किए कई सवाल

रीवा की गोल्डी साकेत की मौत: इंस्टाग्राम से शुरू हुआ रिश्ता, नाम बदलकर दोस्ती की, शादी के बाद सामने आया सच, परिजन कर रहे न्याय की मांग

लव जिहाद का शिकार हुई रीवा की बेटी: 35 दिन बाद कब्र से निकाली गई लाश, गोल्डी साकेत की मौत ने खड़े किए कई सवाल

रीवा की 20 साल युवती गोल्डी साकेत की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए बने रिश्तों को चर्चा में ला दिया है। परिवार ने आरोप लगाया है कि युवती की हत्या की गई और मामले को दबाने की कोशिश की गई, जबकि पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों पर स्पष्ट स्थिति सामने आ पाएगी।

इंस्टाग्राम पर नाम बदलकर की दोस्ती... 

परिजनों के अनुसार, गोल्डी साकेत हैदराबाद में एक बिस्किट फैक्ट्री में काम करती थी। वहीं उसकी पहचान इंस्टाग्राम पर साहिल उर्फ “प्रिंस” नाम के युवक से हुई, जो प्रयागराज के कौंधियारा क्षेत्र का रहने वाला बताया जाता है। शुरुआती बातचीत धीरे-धीरे नजदीकियों में बदल गई और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए।

परिवार का आरोप है कि युवक ने पहले अपना नाम “प्रिंस” बताकर पहचान छिपाई थी। बाद में जब सच्चाई सामने आई तो दोनों के बीच विवाद भी हुआ, लेकिन रिश्ते आगे बढ़ते रहे। इसी दौरान दोनों के बीच शादी की बात भी सामने आई।

मंदिर में शादी और फिर निकाह का दावा...

परिजनों के मुताबिक, करीब छह महीने पहले दोनों ने हैदराबाद के एक मंदिर में शादी की थी। बाद में जब युवक की असली पहचान सामने आई, तो तनाव बढ़ा। परिवार का आरोप है कि इसके बाद दोनों ने मस्जिद में निकाह भी किया। गोल्डी की मां बेबी साकेत का कहना है कि इस रिश्ते के बाद बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

परिवार वालों से खत्म कर दिया संपर्क...

परिजनों का दावा है कि शादी के बाद गोल्डी का संपर्क धीरे-धीरे परिवार से कम होता गया। आरोप है कि उसका सिम कार्ड तोड़ दिया गया, जिससे वह घरवालों से बात नहीं कर पाई। हालांकि, परिवार का यह भी कहना है कि जब भी मौका मिलता, वह छिप-छिपकर फोन करती थी और अपनी परेशानियों की जानकारी देती थी। मां के अनुसार, बेटी ने कई बार बताया कि उसे कमरे में बंद रखा जाता है और छोटी-छोटी बातों पर मारपीट की जाती है। परिवार का आरोप है कि यह स्थिति लंबे समय तक चलती रही।

35 दिन बाद शव कब्र से बाहर निकाला...

परिवार का सबसे बड़ा आरोप यह है कि उन्हें गोल्डी की मौत की जानकारी तुरंत नहीं दी गई। उनका कहना है कि लगभग 10 दिनों बाद उन्हें उसके एक परिचित से मौत की सूचना मिली। इसके बाद परिवार रीवा से उत्तर प्रदेश पहुंचा और मामले की जानकारी जुटाई। बाद में प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत लगभग 35 दिन बाद गोल्डी के शव को कब्र से बाहर निकाला गया और दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया गया। इसके बाद अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाजों से किया गया।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप...

परिजनों ने आरोप लगाया है कि युवती की हत्या के बाद उसे दफनाया गया और मामले को छिपाने की कोशिश की गई। साथ ही उन्होंने पुलिस पर भी कार्रवाई में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया है। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आने की बात कही जा रही है, जिससे मामला और अधिक जटिल हो गया है। फिलहाल जांच पुलिस के पास है और यह मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर आधारित है।

कई सवाल अब भी अनसुलझे...

इस पूरी घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—गोल्डी की मौत कैसे हुई, क्या वह स्वाभाविक थी या इसमें किसी तरह की साजिश शामिल थी, और परिवार को समय पर सूचना क्यों नहीं दी गई। फिलहाल इन सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आने की उम्मीद है। परिवार अब भी न्याय की मांग कर रहा है और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की उम्मीद लगाए बैठा है।