अचानक उपार्जन केंद्र पहुंचे CM, ट्रॉली पर चढ़कर किसान से की चर्चा, पानी-छांव की व्यवस्था के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए गेहूं उपार्जन और स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 9 मई से बढ़ाकर 23 मई कर दी है। सीएम ने खरगोन जिले के कतरगांव उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।

अचानक उपार्जन केंद्र पहुंचे CM, ट्रॉली पर चढ़कर किसान से की चर्चा, पानी-छांव की व्यवस्था के दिए निर्देश

भोपाल। मध्य प्रदेश में किसानों को राहत देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गेहूं उपार्जन की अंतिम तारीख 9 मई से बढ़ाकर 23 मई कर दी है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के विभिन्न उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

खरगोन और शाजापुर में निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने खरगोन जिले के कतरगांव उपार्जन केंद्र और शाजापुर जिले के सेमलीधाम स्थित श्यामा वेयरहाउस (मकोड़ी) का दौरा किया। यहां उन्होंने गेहूं तौल प्रक्रिया देखी और किसानों से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

किसानों से सीधी बातचीत, बिना प्रोटोकॉल

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने किसी औपचारिक प्रोटोकॉल का पालन किए बिना सीधे किसानों से बातचीत की। उन्होंने किसानों से पूछा कि क्या भुगतान समय पर मिल रहा है और तौल में किसी प्रकार की गड़बड़ी तो नहीं हो रही।

इस दौरान उन्होंने मौजूद कलेक्टर भव्या मित्तल और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को धूप में खड़ा न रहना पड़े। उपार्जन केंद्रों पर ठंडे पानी, छायादार स्थान और बैठने की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

महेश्वर विधायक राजकुमार मेव भी निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने उनसे क्षेत्र की कृषि समस्याओं को लेकर फीडबैक लिया।


तौल और भुगतान में पारदर्शिता पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि स्लॉट बुकिंग से लेकर तौल और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि उपार्जन केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर छह कर दी गई है और जरूरत पड़ने पर इसे और बढ़ाया जाएगा।

 ₹2625 प्रति क्विंटल मिलेगा भुगतान

मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि सरकार गेहूं की खरीद ₹2585 प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और ₹40 बोनस सहित कुल ₹2625 प्रति क्विंटल की दर से करेगी और भुगतान की पूरी राशि सीधे दी जाएगी।

व्यवस्थाओं पर दिया जोर

उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के लिये गेहूं उपार्जन एवं स्लॉट बुकिंग की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई की है।

प्रशासन को अलर्ट रहने की चेतावनी

निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि वे आने वाले दिनों में प्रदेश के किसी भी जिले में अचानक निरीक्षण कर सकते हैं। इसलिए प्रशासन को अलर्ट मोड में रहकर व्यवस्थाएं दुरुस्त रखनी होंगी।