प्रदेश में स्वच्छ जल अभियान के तहत जल और सीवर सेवाओं में व्यापक सुधार, 1176 लीकेज की मरम्मत पूर्ण
स्वच्छ जल अभियान के अंतर्गत जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल से संबंधित शिकायतों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से प्रदेश में‘जल सुनवाई’की शुरुआत की
प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित और निर्बाध जल सहित सीवर सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने लगातार प्रभावी कदम उठाए हैं। स्वच्छ जल अभियान के अंतर्गत जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल से संबंधित शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए प्रदेश में ‘जल सुनवाई’ की शुरुआत की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि अभियान के तहत अब तक कुल 1176 जल रिसाव (लीकेज) की मरम्मत की जा चुकी है। इससे जल की बर्बादी रोकने के साथ-साथ नागरिकों को सुचारु जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। जल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए प्रदेश भर में अब तक 7619 जल नमूनों की जांच पूरी की जा चुकी है। इस कार्य में 744 सफाई मित्र और अमृत मित्र सक्रिय रूप से लगे हुए हैं, जबकि जल परीक्षण के लिए 704 व्यक्तियों को विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है।
उन्होंने बताया कि जल भंडारण संरचनाओं की स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में कुल 684 ओएचटी, जीएसआर और सम्प की सफाई पूर्ण की जा चुकी है। इन सभी संरचनाओं पर ऑयल पेंटिंग के माध्यम से सफाई की तिथि और अगली प्रस्तावित सफाई की तिथि अंकित की गई है, जिससे नियमित रखरखाव सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त, अब तक 1650 छोटे मरम्मत कार्य (माइनर रिपेयर) भी पूरे किए जा चुके हैं।
आयुक्त भोंडवे के अनुसार, जल से संबंधित कुल 293 शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें से 284 शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। वहीं सीवर लाइन लीकेज, मैनहोल ओवरफ्लो जैसी समस्याओं से संबंधित कुल 285 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 134 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। बची शिकायतों के जल्द समाधान के लिए संबंधित नगर निगमों और शहरी निकायों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
अभियान के अंतर्गत 11 जनवरी 2025 तक प्रदेश की समस्त नगरीय निकायों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। नगर निगम क्षेत्रों में 547, नगर पालिका परिषदों में 315 तथा नगर परिषदों में 314 जल लीकेज मरम्मत कार्य किए गए हैं। जल नमूनों की जांच में नगर निगमों द्वारा 4498, नगर पालिका परिषदों द्वारा 1496 और नगर परिषदों द्वारा 1625 नमूनों की जांच की गई है। इसी तरह जल नमूना संग्रहण कार्य में नगर निगमों में 158, नगर पालिका परिषदों में 284 और नगर परिषदों में 302 सफाई मित्र एवं अमृत मित्र कार्यरत हैं।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जल की गुणवत्ता और सीवर व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। फील्ड अमला लगातार निगरानी में रहेगा और समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की है कि जल और सीवर से संबंधित किसी भी समस्या की सूचना निर्धारित माध्यमों से अवश्य दें, ताकि समय पर और प्रभावी समाधान किया जा सके।
स्वच्छ जल अभियान और ‘जल सुनवाई’ के माध्यम से प्रदेश में शहरी जल और सीवर व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है, जिससे नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ मिलने की उम्मीद है।
Varsha Shrivastava 
