छतरपुर में खाद पर विवाद: युवती को थप्पड़ मारने वाली नायब तहसीलदार को कलेक्टर ने जारी किया नोटिस

छतरपुर में खाद वितरण के दौरान युवती को थप्पड़ मारने की घटना को गंभीर मानते हुए कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने नायब तहसीलदार ऋतु सिंघई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा

छतरपुर में खाद पर विवाद: युवती को थप्पड़ मारने वाली नायब तहसीलदार को कलेक्टर ने जारी किया नोटिस
Chhatarpur Naib Tehsildar Slap Case

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में खाद वितरण के दौरान 3 दिसंबर को बड़ा विवाद हो गया है। सौंरा मंडल की नायब तहसीलदार ऋतु सिंघई पर एक युवती को थप्पड़ मारने, एक किसान की कॉलर पकड़ने और एक महिला से मारपीट करने के आरोप लगे हैं। इस मामले में अब कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने नायब तहसीलदार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

कलेक्टर ने मांगा स्पष्टीकरण

कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने कहा है कि आरोप गंभीर हैं और इस मामले में जल्द कार्रवाई की जाएगी। इस व्यवहार को गंभीर बताते हुए कलेक्टर ने कहा कि यह मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के खिलाफ है, इसलिए तहसीलदार को तुरंत लिखित जवाब देना होगा। उन्होंने साफ कहा कि यदि तहसीलदार का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उनके खिलाफ एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

तहसीलदार की तबीयत बिगड़ी

इस घटना के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ और कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने नायब तहसीलदार को तुरंत नोटिस जारी किया। नोटिस जारी होने के बाद देर शाम नायब तहसीलदार ऋतु सिंघई की तबीयत अचानक खराब हो गई। उनका ब्लड प्रेशर गिर गया, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम उनका उपचार कर रही है।

अब जानें क्या है पूरा विवाद? 

यह घटना बुधवार को परा गांव की है। यहां खाद वितरण चल रहा था और बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं खाद लेने के लिए लाइन में खड़े थे। इस दौरान एमए तृतीय सेमेस्टर की छात्रा गुड़िया पटेल भी खाद लेने पहुंची थी। उसका कहना है कि वह पिछले दो महीने से खाद लेने के लिए लगातार आ रही है, लेकिन उसे हर बार खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।

गुड़िया के अनुसार, उसने नायब तहसीलदार से टोकन देने की मांग की। इस पर तहसीलदार ने कहा कि महिलाओं को टोकन नहीं दिए जाएंगे और केवल पुरुषों को ही टोकन मिलेंगे। जब गुड़िया ने दोबारा यह पूछा कि आखिर ऐसा नियम क्यों है, तो नायब तहसीलदार ने उसे थप्पड़ मार दिया।

टोकन को लेकर विवाद, कालाबाजारी के आरोप

गुड़िया ने बताया कि नायब तहसीलदार ने उसे कहा कि टोकन बांटने का समय सुबह 9 बजे था, जबकि अब 11 बज चुके हैं। भीड़ बढ़ने के कारण टोकन वितरण बंद कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अब 6 दिसंबर से ही दोबारा टोकन दिए जाएंगे। इस कारण वहां मौजूद कई महिलाएं नाराज हो गईं, क्योंकि वे रात 2 बजे से लाइन में खड़ी थीं।

युवती ने ये आरोप भी लगाया कि खाद की कम नहीं, बल्कि सप्लाई की गई खाद को ब्लैक में बेचा जा रहा है। उसका दावा है कि करीब 15 ट्रक खाद स्टॉक में है, लेकिन किसानों को नहीं दिया जा रहा। उसने यह भी आरोप लगाया कि इस कालाबाजारी में अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है। हालांकि प्रशासन ने इन आरोपों पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।