संसद शीतकालीन सत्र: दूसरे दिन ‘वोट चोर- गद्दी छोड़’ के लगे नारे, SIR पर चर्चा के लिए पक्ष-विपक्ष तैयार
संसद में लगातार दूसरे दिन हंगामे के बीच सरकार और विपक्ष में SIR पर चर्चा के लिए सहमति बनी, 9 दिसंबर को चुनावी सुधारों पर 10 घंटे बहस होगी। वहीं, एक दिन पहले 8 दिसंबर को वंदे मातरम् पर चर्चा होगी।
संसद के शीतकालीन सत्र का दूसरे दिन भी हंगामेदार रहा। लोकसभा और राज्यसभा में SIR विवाद को लेकर विपक्ष ने लगातार विरोध प्रदर्शन किया। हंगामे और वॉकआउट के बीच सरकार और विपक्ष में SIR पर चर्चा के लिए सहमति बन गई है। लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद तय हुआ है कि 9 दिसंबर को इलेक्टोरल रिफॉर्म्स यानी चुनावी सुधारों पर 10 घंटे बहस होगी। इससे एक दिन पहले 8 दिसंबर को वंदे मातरम् पर चर्चा होगी। जिसके लिए भी 10 घंटे का समय तय किया गया है।
SIR के खिलाफ विपक्ष का हल्ला बोल
संसद का शीतकालीन सत्र 2025 में SIR विवाद को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच तनाव बढ़ गया है। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्ष लगातार हंगामा कर सरकार से इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा है। संसद सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही सभी विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ सांसद वेल तक भी पहुंच गए और “वोट चोर, गद्दी छोड़” जैसे नारे लगाए। स्पीकर ने इस दौरान प्रश्नकाल जारी रखने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष लगातार करीब 20 मिनट तक नारेबाजी करता रहा। इसके बाद कार्यवाही को पहले 12 बजे और फिर दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया। लगातार हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही अंततः 3 दिसंबर सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई। बता दें सत्र के पहले दिन 1 दिसंबर को भी दोनों सदनों में SIR और वोट चोरी के आरोप के मुद्दे पर विपक्ष ने हंगामा किया था।
राज्यसभा में भी प्रदर्शन और नारेबाजी
राज्यसभा की कार्यवाही भी बुधवार 3 दिसंबर 11 बजे तक स्थगित कर दी गई है। विपक्ष के वॉकआउट के बाद राज्यसभा ने मणिपुर GST विधेयक, 2025 को पारित किया गया है। यह लोकसभा में पहले ही पास हो चुका है। राज्यसभा में भी SIR के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन और नारेबाजी देखने को मिली। चुनाव सुधारों और SIR मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए विरोध प्रदर्शन जरूरी है। वहीं, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार को संसद में SIR और अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा, जब पूरी विपक्षी पार्टी चर्चा की मांग कर रही है, तो उन्हें ऐसा करने से क्या रोक रहा है। इससे पहले विपक्ष ने सुबह 10: 30 बजे संसद परिसर में मकर द्वार के सामने लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन किया था। विपक्ष की मांग है कि सरकार SIR इस पर फौरन चर्चा करे।
‘सरकार SIR पर चर्चा के लिए तैयार’
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने SIR पर चर्चा की विपक्ष की मांग को लेकर सदन में गतिरोध को खत्म करने के लिए मंगलवार को सभी पार्टी नेताओं की बैठक बुलाई। इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राजनीतिक दलों के नेताओं से मुलाकात की, लेकिन समय सीमा तय करने से इंकार कर दिया।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में बताया कि सरकार SIR और चुनाव सुधारों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष को कोई समय सीमा नहीं थोपनी चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, सरकार चर्चा के लिए SIR शब्द की जगह चुनाव सुधार या किसी अन्य नाम का उपयोग कर सकती है। इस पर रुख बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में रखा जाएगा।
‘हार का ठीकरा SIR पर फोड़ना ठीक नहीं’
वहीं, बीजेपी सांसद दामोदर अग्रवाल ने कहा कि सरकार हमेशा नियमों के अनुसार किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार रहती है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह अपनी हार का ठीकरा SIR पर फोड़ना चाहता है। उनका कहना है कि बिहार के लोगों ने पहले ही इस मुद्दे का निपटारा कर दिया है और किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया गया।
वंदे मातरम् पर 10 घंटे तक चर्चा पर विचार
इस बीच, वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर सरकार सदन में इस विषय पर चर्चा कराने पर विचार कर रही है। यह बहस 8 दिसंबर को होगी। इसके लिए 10 घंटे का समय तय किया गया है। पीएम मोदी भी इसमें हिस्सा ले सकते हैं। राज्यसभा की सचिवालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन को लेकर शिवसेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने उपराष्ट्रपति को पत्र लिखा और स्पष्टता की मांग की।
Varsha Shrivastava 
