हॉक फोर्स के 61 जवानों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन, नक्सलवाद के खात्मे के बाद आरक्षक से SI तक प्रमोट
मध्य प्रदेश में नक्सलवाद के खात्मे के बाद पुलिस मुख्यालय ने हॉक फोर्स और बालाघाट पुलिस के जवानों को बड़ी सौगात दी है।
भोपाल: मध्य प्रदेश में नक्सलवाद के खात्मे के बाद पुलिस मुख्यालय ने हॉक फोर्स और बालाघाट पुलिस के जवानों को बड़ी सौगात दी है। डीजीपी कैलाश मकवाना ने वीरता की मिसाल पेश करने वाले 61 पुलिसकर्मियों को 'आउट ऑफ टर्न' प्रमोशन देने का ऐतिहासिक आदेश जारी किया है। ये वे जांबाज हैं जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर प्रतिबंधित माओवादी संगठन के जीआरबी डिवीजन के मलाजखंड दलम के चार खूंखार एरिया कमेटी सदस्यों को मुठभेड़ में मार गिराया था।
जारी आदेश के अनुसार, विशेष सशस्त्र बल (SAF) और बालाघाट जिला पुलिस के कुल 61 जवानों के नामों पर विचार किया गया था। इनमें से 60 जवानों को तत्काल पदोन्नत करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हालांकि, प्रधान आरक्षक संत कुमार धुर्वे के खिलाफ एक अपराधिक प्रकरण दर्ज होने के कारण उनका प्रमोशन फिलहाल 'लिफाफा बंद' रखा गया है।
प्रधान आरक्षक (SAF) से सहायक उप निरीक्षक (ASI)
रुद्री चंद्र जखमोला, अनिल सिंह भदौरिया, मत्ते सिंह मरावी, उज्जवल घोरमारे, मनोज कुमार यादव, देवेंद्र धुर्वे, रविंद्र कुशवाह, हरेंद्र सिंह, प्रदीप गोसाई, विनोद कुमार मर्सकोले, उमेश कुमार पटेल, विकास कुमार राजपूत
आरक्षक से प्रधान आरक्षक
मुकेश सगर, विवेक परस्ते, राघवेंद्र सिंह गुर्जर, आशीष रजक, शिवहरि मरावी, प्रवीण धुर्वे, टीकाराम ढकालु, प्रवीण कुमार, असित यादव, राम आशीष यादव, संदीप शर्मा, लोकपाल धाकड़, कृष्णा श्रेष्ठ, जितेंद्र सिंह पटेल, वीर सिंह, शकर चंद्र सरयाम, सुनील परिवार, चंद्रकांत पांडे, सत्यम द्विवेदी, सुनील यादव, देवराज कलमे, सुरेंद्र सिंह मार्को, सुशील उइके।
आरक्षक से प्रधान आरक्षक
रामलाल भील, उमेश चंद्र दुबे, संतोष कुमार मरावी, प्रदीप कुमार परते, राजा मालवीय, विशाल कुमार सिंह, नरेंद्र सोनबे, दीपक पवार, कन्हैया मरकाम, सुनील सिंह कुशवाह, मुलायम सिंह, वरुण देव सिंह चाहर, मुनीष कुमार द्विवेदी, नीलेश, महेंद्र सिंह, रवि कुमार यादव, छठु यादव, सलेश कुमार द्विवेदी, संजू शर्मा।
इन नक्सलियों का किया था खात्मा
पुलिस की इस बहादुरी ने मलाजखंड दलम की कमर तोड़ दी थी। मुठभेड़ में मारी गई खूंखार नक्सली रीता उर्फ तुब्बी, सुमन, इमला उर्फ तुलसी और रवि मडावी जैसे चेहरों का अंत करने वाली इस टीम को अब उनके अदम्य साहस का प्रतिफल मिला है। इस फैसले से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात फोर्स का मनोबल काफी बढ़ेगा।
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