MP में होगी निगम-मंडलों में नियुक्तियां, इन नामों पर मुहर!
मध्य प्रदेश में निगम मंडलों में नियुक्तियों की सुगबुगाहट एक बार फिर तेज हो गई है। बीजेपी के एक पद फॉर्मूले पर केंद्रीय नेतृत्व ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है। ऐसे में माना जा रहा है कि बिहार चुनाव के नतीजों के बाद निगम-मंडलों में नियुक्ति की प्रोसेस शुरु कर दी जाएगी।
भोपाल: मध्य प्रदेश में निगम मंडलों में नियुक्तियों की सुगबुगाहट एक बार फिर तेज हो गई है। बीजेपी के एक पद फॉर्मूले पर केंद्रीय नेतृत्व ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है। ऐसे में माना जा रहा है कि बिहार चुनाव के नतीजों के बाद निगम-मंडलों में नियुक्ति की प्रोसेस शुरु कर दी जाएगी।
बताया जा रहा है कि वरिष्ठ नेताओं के बीच हुई बैठक में सरकार और संगठन के बीच समन्वय, निगम-मंडलों और बोर्डों में होने वाली नियुक्तियों समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई है, जिसमें इस बात पर विस्तार से चर्चा की गई कि बिहार चुनाव परिणामों के बाद एमपी में निगम-मंडल, आयोग और बोर्डों में नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस लिस्ट में कई पूर्व मंत्री और पूर्व विधायकों के साथ संगठन से जुड़े पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं। निगम मंडल में नियुक्तियों का आधार क्षेत्रीय और जातीय संतुलन के साथ सत्ता और संगठन में समंवय का भी रहेगा। इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी में शामिल हुए अन्य दलों के प्रभावशाली नेताओं को भी नई जिम्मेदारिया देने पर विचार किया जा रहा है।
निगम-मंडलों में नियुक्ति की पहली सूची में पूर्व मंत्रियों का दावा सबसे मजबूत माना जा रहा है। इन नामों में अरविंद भदौरिया, रामनिवास रावत और इमरती देवी का नाम लगभग तय माना जा रहा है। इसके अलावा पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता और अंचल सोनकर के नामों पर भी चर्चा चल रही है। हालांकि अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। इमरती देवी सिंधिया कोटे से पहले भी लघु उद्योग निगम की अध्यक्ष रह चुकीं हैं।
बता दें कि फरवरी 2024 में सभी 46 निगम, मंडलों में राजनीतिक नियुक्तियां रद्द कर दी गई थीं। इसके बाद से सरकार ने जन अभियान परिषद, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग से लेकर निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति को हरी झंडी दी है।

