गुना में पाइप की फैक्ट्री में लगी आग नपा की चार फायर ब्रिगेड ने पांच घंटे में पाया काबू
गुना में पाइप की फैक्ट्री में लगी आग नपा की चार फायर ब्रिगेड ने पांच घंटे में पाया काबू 80 लाख के नुकसान की आशंका
गुना: इंडस्ट्रियल एरिया में 16 जून की देर रात प्लास्टिक पाइप बनाने वाली एक फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में फैक्ट्री के भीतर रखा प्लास्टिक का कच्चा माल, तैयार पाइप और अन्य सामग्री इसकी चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही नगरपालिका की टीम मौके पर पहुंची और चार फायर ब्रिगेड की मदद से करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस हादसे में 70 से 80 लाख रुपए के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
प्लास्टिक पाइप बनाने का काम होता था फैक्ट्री में
यूनिट में खेती और सिंचाई कार्यों में उपयोग होने वाले प्लास्टिक पाइप तैयार किए जाते हैं। फैक्ट्री के एक हिस्से में पाइप निर्माण का काम होता है, जबकि दूसरे हिस्से में प्लास्टिक के दाने, रॉ मटेरियल और तैयार माल का भंडारण किया जाता है।
रोजाना की तरह बंद कर घर चले गए थे संचालक
फैक्ट्री संचालक हरीश रत्रा ने बताया कि रोजाना की तरह काम खत्म होने के बाद करीब साढ़े आठ बजे फैक्ट्री बंद कर दी गई थी। इसके बाद सभी कर्मचारी और संचालक अपने-अपने घर चले गए थे। उस समय फैक्ट्री परिसर में सब कुछ सामान्य था।
कॉलोनी के लोगों ने देखीं आग की लपटें
रात करीब 11 बजे इंडस्ट्रियल एरिया से लगी विंध्याचल कॉलोनी के लोगों ने फैक्ट्री की ओर से धुआं और आग की ऊंची लपटें उठती देखीं। आग बढ़ती देख स्थानीय नागरिकों ने तत्काल नगरपालिका और संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची टीम
आग लगने की जानकारी मिलते ही नगरपालिका का अमला सक्रिय हो गया। कुछ ही समय में नगरपालिका की पूरी टीम और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई। आग की गंभीरता को देखते हुए एक के बाद एक चार फायर ब्रिगेड वाहनों को राहत कार्य में लगाया गया।
लगातार टैंकरों से पहुंचाया गया पानी
फैक्ट्री में प्लास्टिक सामग्री बड़ी मात्रा में मौजूद होने के कारण आग तेजी से फैल रही थी। आग बुझाने के लिए लगातार पानी की आवश्यकता पड़ रही थी। इसके लिए टैंकरों के माध्यम से लगातार पानी की आपूर्ति की गई, ताकि फायर ब्रिगेड बिना रुके राहत कार्य जारी रख सके।
पक्की दीवार बनी सबसे बड़ी चुनौती
फायर टीम के सामने सबसे बड़ी समस्या फैक्ट्री की मजबूत पक्की दीवार थी। आग अंदर भड़क रही थी, जबकि बाहर से सीधे पानी पहुंचाना आसान नहीं था। इसी वजह से आग पर तुरंत काबू पाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
गेट का ताला तोड़कर शुरू किया गया रेस्क्यू
स्थिति को देखते हुए सबसे पहले फैक्ट्री के छोटे गेट का ताला तोड़ा गया, ताकि फायर ब्रिगेड की टीम अंदर पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू कर सके। इसके बाद भी आग तक पूरी तरह पहुंचना मुश्किल हो रहा था। आग पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण पाने के लिए फायर टीम ने फैक्ट्री की दीवार में कई स्थानों पर छेद किए। इन छेदों के माध्यम से अंदर तक पानी पहुंचाया गया। इसके बाद आग की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने लगी और राहत कार्य में तेजी आई।
5 घंटे तक चला आग बुझाने का अभियान
फायर ब्रिगेड, नगरपालिका कर्मियों और अन्य कर्मचारियों ने लगातार करीब पांच घंटे तक राहत एवं बचाव कार्य चलाया। देर रात शुरू हुआ यह अभियान तड़के तक जारी रहा। लंबे प्रयासों के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।
70 से 80 लाख रुपए नुकसान की आशंका
घटना में फैक्ट्री के भीतर रखा प्लास्टिक का कच्चा माल, तैयार पाइप और अन्य सामान जलकर नष्ट हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस आगजनी में 70 से 80 लाख रुपए तक के नुकसान की आशंका जताई गई है। मौके पर नगरपालिका अध्यक्ष पति अरविन गुप्ता सहित नगरपालिका का पूरा अमला मौजूद रहा और आग पर काबू पाने के प्रयासों की निगरानी करता रहा। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।

