टैक्स देने के बाद भी सुविधा नहीं: PM आवास योजना भी फेल, नाले का दूषित पानी पीने को मजबूर लोग
'काला पानी' की सजा काट रहा मऊगंज का ब्योहरिया, बुनियादी सुविधाओं से महरूम बसाहट के लोग; सौतेला व्यवहार, सड़क बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं वंचित दर्जनभर परिवार
मऊगंज से रिपोर्टर राजेंद्र पयासी।
जिले की नगर परिषद नईगढ़ी का वार्ड क्रमांक 7 ब्योहरिया मोहल्ला आजादी के सात दशक बाद भी 'काला पानी' की सजा काट रहा है। नईगढ़ी नगरीय क्षेत्र के व्योहरिया की इस बस्ती में रहने वाले दर्जन भर परिवारों को आज तक सड़क, बिजली, शुद्ध पेयजल और पक्के मकान जैसी मूलभूत सुविधाएं नसीब नहीं हुईं। हैरानी की बात यह है कि नगर परिषद क्षेत्र में होने के बावजूद ये परिवार हर साल स्वच्छता, पेयजल और प्रकाश सहित कई तरह के टैक्स भरते हैं। फिर भी 19वीं सदी जैसा जीवन जीने को मजबूर हैं।
तट पर बसे होने के कारण बारिश में मोहल्ला टापू बन जाता
हरफरी नदी तट पर बसे होने के कारण बारिश में पूरा मोहल्ला टापू बन जाता है। बच्चे स्कूल भी सुविधा से नहीं जा पाते। बस्ती तक कोई मार्ग न होने से किसी भी मौसम में एंबुलेंस नहीं पहुंच सकती। हालात ये हो जाते हैं कि बरसात में कोई बीमार हो जाए तो उसे चारपाई के सहारे मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है। रात होते ही अंधेरे के साथ सांप और बिच्छू का खौफ घरों में घुस आता है क्योंकि बिजली की व्यवस्था नहीं है।

सबसे बड़ा खुलासा प्रधानमंत्री आवास योजना में हुआ है। स्थानीय निवासी सीता प्रसाद त्रिपाठी ने 16 जून को जनसुनवाई में कलेक्टर मऊगंज को आवेदन पत्र दिया। उनके अनुसार साल 2018 से लगातार आवेदन करने के बावजूद वार्ड के एक भी पात्र परिवार को आज तक आवास नहीं मिला। निवासियों ने सवाल उठाया कि गरीबों के घर बनाने का पैसा आखिर गया कहां।
टैक्स तो पूरा लिया, सुविधा एक भी नहीं दी
बस्ती के लोगों ने बताया कि नगर परिषद क्षेत्र में निवास करने और नियमित रूप से कर जमा करने के बावजूद सड़क, बिजली, पेयजल और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं का लाभ नहीं मिला। लोगों ने कहा कि खाने के लिए तो हम नगरीय क्षेत्र के निवासी हैं लेकिन सुविधाएं उबड़ खाबड़ जंगली क्षेत्र से भी बदतर हैं।

मूलभूत सुविधाओं से वंचित आक्रोशित क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि सड़क निर्माण, बिजली, पानी और आवास की व्यवस्था नहीं की गई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकार के लिए सड़क पर उतरेंगे। इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
सवाल जिनका आज तक नहीं मिला जवाब
नगर परिषद नईगढ़ी के व्योहरिया बसाहट की जमीनी हकीकत देखी जाए तो आज तक नगर निकाय द्वारा सड़क पानी स्वच्छता सहित शासन की अन्य योजनाओं के अलावा बिजली तक की व्यवस्था नहीं की गई है। मजबूरी में लोग बास बल्लियों के सहारे ग्रामीण क्षेत्र से घरों में उजाला कर रहे हैं।जबकि बसाहट के लोगों से नगर परिषद द्वारा प्रकाश टैक्स के साथ अन्य सभी प्रकार के टैक्स लिए जाते हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर सौतेला व्यवहार चल रहा है।

मऊगंज जिले के नगर परिषद नईगढ़ी क्षेत्र अंतर्गत आजादी के सात दशक गुजर जाने के बाद भी वार्ड 7 में एक सड़क तक क्यों नहीं बन पाई? प्रधानमंत्री आवास के 2018 से लंबित आवेदन किस अधिकारी की टेबल पर दबे हैं? हर साल बाढ़ से जूझने वाले मोहल्ले का आपदा प्रबंधन प्लान कहां है? टैक्स का पैसा विकास कार्यों में क्यों नहीं लग रहा है? स्थानीय लोगों ने कहा क्या नईगढ़ी नगर परिषद सिर्फ टैक्स वसूली केंद्र बनकर रह गई है? आज भी ऐसे कई सवालों है जिनका जवाब नहीं मिल पाया है
नाले में गड्ढा खोदकर पानी, बीमार पड़ रहे लोग
बस्ती में पेयजल का एकमात्र सहारा हैंडपंप था। जलस्तर नीचे जाने से वह भी सूख गया। भीषण जल संकट के बीच गुहार लगाने पर भी सुनवाई नहीं हुई। अंततः लोगों ने नाले में गड्ढा खोदकर पानी की व्यवस्था की। उसी गड्ढे से मवेशी और जानवर भी पानी पीते हैं। दूषित पानी पीने की मजबूरी के कारण बस्ती के लोग आए दिन बीमार पड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर प्रशासन बस्ती वालों की जान लेने पर उतारू है।

बसाहट निवासी सीता प्रसाद त्रिपाठी बताते हैं कि हमारी बस्ती में आज तक बिजली, पानी, सड़क की व्यवस्था नहीं हुई। प्रधानमंत्री आवास नहीं मिला। नाले में गड्ढा खोदकर दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। नगर परिषद के जिम्मेदारों से कई बार गुहार लगाया लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मजबूरी में अब मऊगंज आकर कलेक्टर साहब से न्याय की गुहार लगानी पड़ रही है।
Varsha Shrivastava 
