UCC पर बोले CM- महाकाल चाहेंगे तो इसी सत्र में पारित होगा बिल, विधानसभा में प्रस्ताव लाने की पूरी तैयारी में मोहन सरकार
मध्य प्रदेश सरकार आगामी मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि महाकाल चाहेंगे तो इसी सत्र में UCC बिल पारित होगा।
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही है। इसको लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि UCC का प्रस्ताव विधानसभा में लाया जा रहा है और महाकाल चाहेंगे तो इसी सत्र में यह प्रस्ताव पारित भी होगा। सीएम ने बयान विधानसभा के सेंट्रल हॉल में मीडियाकर्मियों से बात-चीत के दौरान दिया। प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री स्व. कैलाश नाथ काटजू की जयंती पर सीएम डॉ. मोहन यादव पहुंचे थे, जहां उन्होंने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।


दिवाली तक पूरी तरह से UCC को लागू करने की तैयारी
उत्तराखंड और गुजरात के बाद अब मध्य प्रदेश UCC कानून को लागू करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। 24 जुलाई तक चलने वाले इस सत्र में मोहन सरकार समान नागरिक संहिता का प्रस्ताव लाने की पूरी तैयारी में है।
वहीं, समान नागरिक संहिता को लेकर मुख्यमंत्री ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में आगे बढ़ रही है और महाकाल की कृपा रही तो इसे इसी विधानसभा सत्र में पारित किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि आगामी मानसून सत्र में इसे विधानसभा पटल पर रखकर पारित कराया जाए और इस साल दिवाली तक मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता को पूरी तरह लागू कर दिया जाए।

UCC का मसौदा तैयार करने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप मध्य प्रदेश में UCC की व्यवहारिकता जांचने और इसका मसौदा तैयार करने के लिए सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। मध्य प्रदेश सरकार के विधि और विधायी कार्य विभाग ने इस 6 सदस्यीय हाई-लेवल कमेटी का गठन 27 अप्रैल को किया था। कमेटी ने राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर समाज के सभी वर्गों से राय ली और आम नागरिकों के सुझाव ऑनलाइन दर्ज करने के लिए एक आधिकारिक वेब पोर्टल भी शुरू किया था।
जनता और विभिन्न संगठनों से यूसीसी को लेकर प्रस्ताव और सुझाव लेने की अवधि 15 मई से शुरू होकर 15 जून तक तय की गई थी। हालांकि, अभी भी पब्लिक को एसएसएम भेजकर ऑनलाइन सुझाव मंगाए जा रहे हैं कमेटी को गठन के बाद 60 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट और ड्राफ्ट बिल सरकार को सौंपने का निर्देश दिया गया था। जनता के सुझावों और अलग-अलग वर्गों से संवाद के बाद अब इस ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

NEET परीक्षा को लेकर सरकार अलर्ट, सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने NEET परीक्षा की तैयारियों को लेकर कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ लगातार समन्वय में काम कर रही है ताकि पिछली बार जैसी कोई स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर सुबह 11 बजे से अभ्यर्थियों के रोल नंबर और पहचान का सत्यापन किया जाएगा। जिन शहरों में परीक्षार्थियों की संख्या अधिक है वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, रिफ्रेशमेंट और अभिभावकों के लिए भी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की परीक्षा निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न हो, इसके लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
Varsha Shrivastava 
