भोपाल में युवा विधायक सम्मेलन का समापन, हरिवंश बोले—2047 से पहले बनेगा विकसित भारत

भोपाल में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के युवा विधायकों का सम्मेलन आज संपन्न होगा। समापन सत्र में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे.

भोपाल में युवा विधायक सम्मेलन का समापन, हरिवंश बोले—2047 से पहले बनेगा विकसित भारत

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के युवा विधायकों का सम्मेलन मंगलवार को संपन्न हो गया। समापन सत्र में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने युवा विधायकों को संबोधित करते हुए विकसित भारत के विजन और नवाचार की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश ने विकसित भारत का सपना देखा और आज गांव-गांव में इसको लेकर चर्चा हो रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को देश के लिए निर्णायक बताया।

अपने संबोधनल में बोले उप सभापति 

हरिवंश ने अपने संबोधन में कहा कि पहले देश में हाईवे 11-12 किलोमीटर प्रतिदिन की रफ्तार से बनते थे, जो अब बढ़कर करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन हो गई है। इसी तरह 2014 से पहले जहां 400-500 स्टार्टअप हुआ करते थे, वहीं आज इनकी संख्या 2 लाख से अधिक हो चुकी है। एयरपोर्ट की संख्या भी 70 से बढ़कर 160 से ज्यादा हो गई है।

उन्होंने कहा कि एक समय मध्य प्रदेश को ‘बीमारू राज्य’ कहा जाता था, लेकिन अब प्रदेश तेजी से विकास कर रहा है। ऐसे में युवा विधायक सम्मेलन जैसे आयोजन लोकतंत्र के लिए सकारात्मक पहल हैं।

उपसभापति ने युवाओं को किताब पढ़ने की सलाह देते हुए कहा कि राजनीति सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र है और इसमें लगातार सीखना जरूरी है। उन्होंने इनोवेशन और टेक्नोलॉजी, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते महत्व पर भी जोर दिया।

हरिवंश ने कहा कि अगर देश आर्थिक और सैन्य रूप से मजबूत नहीं होगा तो विकास संभव नहीं है। गांव और जंगलों में रहने वाले लोगों तक समृद्धि पहुंचे, तभी वास्तविक विकास माना जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत 1980 में आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा था, लेकिन आज देश तेजी से विकसित भारत की ओर बढ़ रहा है। कोविड जैसी आपदा के बाद भी भारत ने अपनी ताकत दुनिया को दिखाई है।

उज्जैन के लिए रवाना होंगे विधायक 

सम्मेलन के समापन के बाद सभी विधायक उज्जैन के लिए रवाना होंगे, जहां वे भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे. इससे पहले सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने किया था। उद्घाटन सत्र में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सम्मेलन का उद्देश्य तीनों राज्यों के युवा विधायकों के बीच संवाद, नीति निर्माण और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना रहा।