छतरपुर: बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि पर 300 कन्याओं का सामूहिक विवाह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिया आशीर्वाद

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि के अवसर पर 3 दिवसीय सप्तम 300 सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव में पूजा अर्चना की।

छतरपुर: बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि पर 300 कन्याओं का सामूहिक विवाह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिया आशीर्वाद
Bageshwar Dham mass marriage

छतरपुर के बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 3 दिवसीय सप्तम सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव का आयोजन किया गया। इस समारोह में कुल 300 निर्धन कन्याओं के विवाह का विधिवत आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा, छतरपुर विधायक श्रीमती ललिता यादव, राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया और भाजपा के अन्य पदाधिकारी इस महापर्व में उपस्थित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समारोह की शुरुआत पूजा अर्चना के साथ की और नवविवाहित दंपतियों को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मुख्यमंत्री को “हल” भेंट कर सम्मानित किया। डॉ. यादव ने सभी नव दंपतियों से कहा कि उनके विवाह जीवन में सफलता, सुख-समृद्धि और संस्कारों की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह समाज में अत्यधिक खर्चीले विवाहों की प्रवृत्ति को कम करने और मितव्ययिता को बढ़ावा देने का सबसे उत्तम माध्यम है। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं अपने पुत्र का विवाह उज्जैन में आयोजित एक सामूहिक विवाह सम्मेलन में किया था। डॉ. यादव ने कहा कि शादियों में अनावश्यक खर्च को रोकने से परिवार के लिए अन्य आवश्यकताओं में संसाधन जुटाए जा सकते हैं। डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से अपील की कि विवाह और मृत्यु भोज जैसे आयोजनों में दिखावे और फिजूलखर्ची को बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बागेश्वर धाम में आयोजित यह सामूहिक विवाह यज्ञ के समान हैं और इससे समाज में अच्छाइयों का संचार होता है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय संस्कृति को सुदृढ़ बनाने के लिए छतरपुर में कैंसर अस्पताल की सौगात दी है, जो बागेश्वर धाम के आसपास स्थित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन के 16 संस्कारों में विवाह सबसे बड़ा संस्कार है, जो धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की दिशा दिखाता है। उन्होंने नव दंपतियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यदि उन्हें रोजगार या व्यवसाय में किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो, तो राज्य सरकार हर संभव मदद करेगी। उन्होंने समाज में सकारात्मक बदलाव की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा कि सामूहिक विवाह के माध्यम से शादियों में होने वाले अत्यधिक खर्च में कमी लाई जा सकती है। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव श्रीकृष्ण के वंशज हैं और वे गौशाला, गौ-मंदिर और गौ माता के संरक्षण के लिए न्यास निर्माण का कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में उज्जैन में बाबा महाकाल का भव्य महाकाल लोक का निर्माण हुआ है। स्थानीय विधायक अरविंद पटेरिया ने बताया कि यह बागेश्वर धाम में आयोजित सातवां सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन है। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास और गरीब परिवारों की बेटियों के लिए शिक्षा, चिकित्सा एवं विवाह में सहायता देने का संकल्प भी लिया।

इस अवसर पर पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, पूर्व विधायक प्रद्युम्न सिंह, अर्चना सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, साधु-संत और श्रद्धालु मौजूद थे। सभी ने नव दंपतियों को आशीर्वाद दिया और कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया। डॉ. यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में हर साल तीन ऐसी तिथियां होती हैं, जब बिना मुहूर्त के विवाह किए जा सकते हैं – देवउठनी एकादशी, बसंत पंचमी और अक्षय तृतीया। इस अवसर पर सामूहिक विवाह आयोजित करने से शादियों में अनावश्यक खर्च और सामाजिक बोझ कम होता है। उन्होंने सभी से अपील की कि समाज में हो रहे सकारात्मक बदलावों को अपनाया जाए और खर्चीली शादियों की प्रवृत्ति को समाप्त किया जाए।