रीवा में खाद वितरण घोटाले का वीडियो वायरल, अधिकारी पर लीपापोती का आरोप
रीवा के चोरहटा स्थित सरकारी खाद गोदाम से आधी रात को चोरी-छिपे खाद वितरण का वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। दिनभर लाइन में लगे किसानों को शाम को खाद खत्म होने का हवाला देकर लौटा दिया गया था, लेकिन उसी रात एक सरकारी वाहन से आए गोदाम प्रभारी ने व्यापारी को खाद लोड कराई।
रीवा में एक बार फिर खाद वितरण व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। जहां हजारों किसान दिन-रात लाइन में लगकर खाद का इंतजार कर रहे हैं, वहीं आधी रात को गोदाम से चोरी-छिपे खाद लोड कर व्यापारियों को बांटे जाने का मामला सामने आया है।
ये घटना चोरहटा स्थित गुरुकुल स्कूल के पास बने सरकारी खाद गोदाम की है, जहां सोमवार रात जिला विपणन अधिकारी लिखे वाहन से गोदाम प्रभारी आए और गोदाम का ताला खोलकर एक लोडर और ट्रैक्टर में खाद की बोरियां भरवाईं। पब्लिकवानी की स्टिंग का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है।

बताया जा रहा है कि सुबह 4 बजे से किसान लाइन में लगे थे, लेकिन शाम 6 बजे उन्हें कह दिया गया कि खाद खत्म हो चुकी है। कुछ ही घंटों बाद, रात करीब 8 बजे एक व्यापारी को चोरी-छिपे खाद दी जा रही थी। जब आस-पास के किसानों को इस बात की भनक लगी तो वे मौके पर पहुंच गए। किसानों ने व्यापारी से पर्ची मांगी, लेकिन वह खाद लादे हुए वाहन के साथ भाग निकला। वहीं, मौजूद गोदाम प्रभारी भी किसी को जवाब दिए बिना मौके से फरार हो गए।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में खाद वितरण को लेकर सख्त निर्देश दिए थे और रीवा प्रशासन को फटकार भी लगाई थी, इसके बावजूद हालात नहीं सुधरे। वायरल वीडियो साफ दिखा रहा है कि किस तरह सिस्टम की मिलीभगत से किसानों का हक छीना जा रहा है। किसानो में आक्रोश है और किसान प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार लीपापोती में लगे हैं।

जिला विपणन अधिकारी शिखा सिंह वर्मा का बयान
हम खाद किसानो को ही वितरित कर रहे थे। वितरण के दौरान गोदाम पर कुछ किसानों के बीच आपसी विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। इसलिए मैंने तत्काल गोदाम प्रभारी राम जी कोल को अपनी ही गाड़ी से मौके पर भेजा, ताकि हालात पर नियंत्रण पाया जा सके।

प्रतिदिन शाम 6 बजे के बाद खाद वितरण काउंटर बंद कर दिया जाता है, लेकिन इसके बाद भी स्टॉक का मिलान, हिसाब-किताब और रिपोर्ट तैयार करने में लगभग दो घंटे का समय लगता है। जो किसान विरोध कर रहे हैं, वे वही लोग हैं जो बिना आधार कार्ड और परमिट के खाद प्राप्त करना चाह रहे थे, जो कि नियमों के खिलाफ है।
तथ्यों से परे अधिकारी का बयान
वीडियो में साफ देखा जा सकता है देर रात चोरी छुपे खाद लेने वाले ये लोग किसान तो बिलकुल नहीं हैं. इसीलिए तथ्यों को छुपाकर जिला विपणन अधिकारी बयान दे रही थी यही वजह है की उन्होंने कैमरे पर कुछ बोलने से सीधा मना कर दिया।
Saba Rasool 
