MP: विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन भी हंगामा, नेता प्रतिपक्ष से मंत्री विजयवर्गीय बोले-औकात में रहो
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा माननीय कैलाश विजयवर्गीय जी मैं अपनी औकात में हूं, यह मध्यप्रदेश की 7.5 करोड़ जनता का अपमान है।
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का 19 फरवरी गुरुवार को चौथा दिन है। विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस हुई। चर्चा के दौरान सिंघार ने सरकार और अदाणी के बीच समझौते का मुद्दा उठाया। जब नेता प्रतिपक्ष अपना संबोधन दे रहे थे और यह कह रहे थे कि अदाणी को बिजली खरीदने के नाम पर अगले 25 साल में 1 लाख से सवा लाख करोड़ रुपए दिए जाएंगे, तब मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि इसका सबूत दें। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उनके पास सबूत है और वे दिखा देंगे। इसी दौरान दोनों के बीच तनातनी बढ़ गई। बहस शुरू हो गई। बहस के दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष से औकात में रहने को कहा, जिसके बाद सदन में हंगामा और तेज हो गया।
कार्यवाही शुरू होने से पहले ही कुपोषण समेत कई मुद्दों को लेकर कांग्रेस विधायकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। गांधी जी की प्रतिमा के सामने जमीन पर बैठे पार्टी कार्यकर्ताओं ने थाली बजाकर विरोध जताया और ख्याली पुलाव के नारे लगाए। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने बजट को ख्याली पुलाव करार दिया और खाली थाली बताते हुए नारेबाजी की। किसान, युवा, लाडली बहने, बिजली उपभोक्ता जो सरकार से उम्मीद कर रहा था, उसे कुछ नहीं मिला। इधर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इंदौर की घटना को हादसा नहीं बल्कि हत्या बताते हुए संबंधित मंत्री (मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, इंदौर सांसद शंकर लालवानी और इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव) के इस्तीफे की मांग की।
एमपी विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के साथ विपक्ष का प्रदर्शन जारी रहा। हंगामे के दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने अगले प्रश्न के लिए कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती का नाम पुकारा, लेकिन शोर-शराबे के कारण वे सवाल नहीं रख सके। इसके बाद फुंदेलाल मार्को को बुलाया गया, मगर हंगामा जारी रहा। स्थिति न संभलने पर अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी। इस बीच कांग्रेस विधायक गर्भगृह में पहुंचकर नारेबाजी करते रहे।
सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इंदौर की घटना को हादसा नहीं बल्कि हत्या बताते हुए संबंधित मंत्री के इस्तीफे की मांग की। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल की मर्यादा बनाए रखने की अपील की और सदस्यों से कार्यवाही चलने देने का अनुरोध किया, लेकिन सिंघार अपनी मांग पर अड़े रहे और हंगामा जारी रहा। स्थिति शांत न होने पर अध्यक्ष ने शून्यकाल की सूचनाएं पढ़ी हुई मानते हुए सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी।

भागीरथपुरा मौत कांड को लेकर कांग्रेस विधायकदल का प्रदर्शन
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों, कफ सिरप से मौतें और सेना पर अपमान जनक टिप्पणी के मुद्दे पर विधानसभा में जोरदार हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दोषी मंत्रियों के इस्तीफे की मांग उठाई। इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मामला न्यायालय में लंबित है, इसलिए ऐसी चर्चा से न्यायालय की अवमानना की स्थिति बन सकती है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की और एक आईएएस अधिकारी को निलंबित भी किया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के राहत कार्यों का भी उल्लेख किया गया। पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने सुझाव दिया कि सदन में बहस के बजाय संबंधित मंत्री से अलग बैठक कर चर्चा करना बेहतर होगा। पूर्व अध्यक्ष सीता शरण शर्मा ने भी कहा कि अदालत में मामला होने से सदन में चर्चा उचित नहीं।
जवाब में डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि 21 से 29 दिसंबर के बीच डायरिया फैलने के बाद स्थिति गंभीर हुई और 22 मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की राहत दी गई। इस पर सिंघार ने मृतकों की संख्या 35 बताते हुए सभी को मुआवजा देने और मंत्रियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की। विवाद बढ़ने पर डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने भी सरकार का पक्ष रखा, लेकिन इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के विरोध के बीच सदन में जोरदार हंगामा जारी रहा। इसके बाद विपक्षी दल के विधायकों ने सदन से वाकआउट कर दिया।
कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों का प्रदर्शन
मप्र विधानसभा में लगातार चौथे दिन भी विपक्ष मोहन यादव सरकार पर हमलावर रहा। आज सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने सरकार के बजट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार का बजट आम लोगों के लिए निराशाजनक है और यह केवल “ख्याली पुलाव” है। जिसमें हर वर्ग के साथ धोखा हुआ है। सरकार ने यह किसानों के लिए कहा था कि उनकी आय दुगनी होगी। किसान खाली थाली में सपना देख रहा है। MSP नहीं मिल रही है।
उमंग सिंघार बोले - सरकार ने कहा था युवाओं के लिए नौकरियों के द्वारा खोले जाएंगे, बड़े-बड़े पोस्टर लगाए विज्ञापन लगे, लेकिन पिछले 2 साल से सरकार कोई भर्ती नहीं कर पा रही है। युवा सपना देख रहे हैं, ख्याली पुलाव की सरकार नौकरी देगी। लाड़ली बहना इंतजार कर रही है कब उन्हें ₹3000 मिलेगा। बिजली के बिल कम नहीं हुए बिजली के बल बढ़ रहे हैं। आम व्यक्ति परेशान है। यही हाल अस्पतालों का है स्टाफ नहीं है डॉक्टर नहीं है। सरकारी अस्पतालों में लोगों का इलाज ढंग से नहीं होता। आदमी जिंदा रहने के लिए संघर्ष कर रहा है।

ये GYANII नहीं, अज्ञानी बजट है - कमलनाथ
विधानसभा पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्य सरकार के बजट पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बजट को “GYANII नहीं, अज्ञानी बजट” बताते हुए कहा कि प्रदेश पर करीब 5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका है। चालू वित्त वर्ष में ही सरकार 70 हजार करोड़ रुपए से अधिक उधार ले चुकी है, जबकि हर साल लगभग 27 हजार करोड़ रुपए सिर्फ ब्याज चुकाने में खर्च हो रहे हैं।

वहीं, विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से सौजन्य भेंट की।


सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर होगी आज चर्चा
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन ज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी।16 फरवरी को राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने अपने अभिभाषण में मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार की चलाई गई योजनाओं के कारण आए बदलावों को विस्तार से बताया था। उन्होंने विकसित भारत 2047 के विजन में प्रदेश की भूमिका को लेकर किए जा रहे प्रयासों को विस्तार से बताया था।
राज्यपाल ने अभिभाषण की शुरुआत करते हुए कहा था कि देश ऐसी दहलीज पर खड़ा है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत काल की संज्ञा दी है। उन्होंने उद्योगों के अनुकूल वातावरण, भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य, 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने, पीएम जनमन योजना के तहत 1.35 लाख आवास निर्माण, उज्जैन में शिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त करने और नई शिक्षा नीति के तहत किए गए कार्यों का उल्लेख किया था।

पहले ही दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष ने विरोध किया था। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाषण के बीच में हस्तक्षेप करते हुए आरोप लगाया कि नल-जल योजना और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का मुद्दा भाषण में शामिल नहीं किया गया। इसके बाद विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी, हालांकि हंगामे के बीच राज्यपाल ने अपना अभिभाषण जारी रखा। राज्यपाल के सदन से जाने के बाद कार्यवाही दोबारा शुरू हुई थी, जहां विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जो हिस्सा पढ़ा नहीं जा सका, उसे पढ़ा हुआ माना जाएगा। इसके बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई थी।
तीसरे दिन पेश हुआ बजट, 6 मार्च तक चलेगा सत्र
विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने चालू वित्तीय वर्ष का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया। यह बजट 19 हजार 287 करोड़ 32 लाख रुपए का है, जिस पर 23 फरवरी को चर्चा होगी। इसके साथ ही सदन में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया गया। इसके बाद सत्र के तीसरे दिन वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने मोहन सरकार का तीसरा बजट पेश किया। वित्तीय वर्ष 2026-27 का ये बजट 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का है। देवड़ा ने करीब 1 घंटे 30 मिनट का बजट भाषण दिया। बता दें, विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। सत्र के लिए कुल 3478 प्रश्नों की विधानसभा को सूचनाएं, 236 ध्यानाकर्षण, 10 स्थगन प्रस्ताव, 41 अशासकीय संकल्प पेश होंगे। शून्य काल में विधानसभा में 83 सवाल होंगे।
भाजपा विधायक दल की बैठक आज
आज मुख्यमंत्री आवास में बीजेपी विधायक दल की बैठक है। विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए बीजेपी की विधायक दल की बैठक होगी। विधानसभा सत्र को लेकर बीजेपी रणनीति बनाएगी।
Varsha Shrivastava 
