20 February 2026: बीजेपी महिला मोर्चा ने सिंघार और पटवारी का पुतला किया दहन, पढ़ें इंदौर की 10 खबरें
राज्यपाल के प्रवास में चूक मामले में कई अधिकारियों को नोटिस। छावनी रोड पर चौड़ाई को लेकर महापौर के यू-टर्न से व्यापारियों में नाराज़गी। इन्फ्लुएंसर धर्मेंद्र बिलोटिया के सोशल मीडिया वीडियो पर मचा बवाल।
मध्य प्रदेश विधानसभा का विवाद सड़कों तक आ पहुंचा है। इंदौर में बीजेपी महिला मोर्चा ने कैलाश विजयवर्गीय के समर्थन में राजवाड़ा चौक पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिघार और कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी का पुतला जलाया।
राज्यपाल के प्रवास में चूक पर सख्ती, कई अधिकारियों को नोटिस
इंदौर में राज्यपाल के प्रवास के दौरान व्यवस्थाओं में लापरवाही सामने आने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर ने कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, वहीं रेसीडेंसी कोठी में व्यवस्था देख रही फर्म रतन एम्पोरियम की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में लंबित भुगतान से 20 से 30 प्रतिशत राशि काटने का भी निर्णय लिया गया है।
दरअसल, मध्यप्रदेश की राज्यपाल मंगूभाई छगनभाई पटेल ने 16 फरवरी को रेसीडेंसी कोठी में रात्रि विश्राम किया था। प्रवास के दौरान व्यवस्थाओं में कमी की शिकायत सामने आई। जानकारी के मुताबिक राज्यपाल के ओएसडी द्वारा बेडशीट बदलने का अनुरोध किया गया था, जिसे व्यवस्था संभाल रही फर्म रतन एम्पोरियम के कर्मचारियों ने समय पर पूरा नहीं किया। इसके अलावा सुबह निरीक्षण के दौरान किचन क्षेत्र में स्वच्छता मानकों का पालन संतोषजनक नहीं पाया गया और डस्टबीन खुली मिली, जिस पर स्टाफ ने नाराजगी जताई।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भोजन निर्माण स्थल पर काक्रोच मिलने की कोई घटना नहीं हुई, लेकिन प्रोटोकॉल में कमी को गंभीरता से लिया गया है। कलेक्टर के निर्देश पर फर्म की सेवाएं तत्काल समाप्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग को आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही लंबित भुगतान से 20 से 30 प्रतिशत राशि काटने का निर्णय लिया गया है। लापरवाही के लिए डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, श्रम निरीक्षक, आपूर्ति अधिकारी, सीएमएचओ और सिविल सर्जन को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत सभी व्यवस्थाएं तय मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएंगी।
छावनी रोड पर चौड़ाई को लेकर महापौर के यू-टर्न से व्यापारियों में नाराज़गी
इंदौर की छावनी क्षेत्र की सड़क अब सियासी और कानूनी मोड़ पर आ खड़ी हुई है। मधुमिलन चौराहे से अग्रसेन चौराहे तक प्रस्तावित 80 फीट सड़क को 60 फीट करने की घोषणा के बाद राहत की सांस ले रहे व्यापारी अब खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। उनका आरोप है कि महापौर अपने ही ऐलान से पलट गए हैं, जिससे एक बार फिर व्यापारी न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में हैं।
दरअसल, इंदौर नगर निगम के मास्टर प्लान के तहत मधु मिलन चौराहा से अग्रसेन चौराहा तक 80 फीट चौड़ी सड़क बनाए जाने का प्रस्ताव था। इस प्रोजेक्ट की जद में सैकड़ों दुकानें और मकान आ रहे थे, जिससे छावनी क्षेत्र के व्यापारियों और रहवासियों में भारी चिंता थी। जिसमें लगातार विरोध और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पिछले वर्ष घोषणा की थी कि सड़क की चौड़ाई 80 फीट के बजाय 60 फीट कर दी जाएगी। इस फैसले से करीब 20 फीट की राहत मिलने पर कई व्यापारी स्वेच्छा से रिमूवल के लिए तैयार भी हो गए थे।
लेकिन अब व्यापारियों का आरोप है कि नगर निगम फिर से 80 फीट चौड़ाई के मूल प्रस्ताव पर आगे बढ़ रहा है। जिसमें नगर निगम की तरफ से उन्हें दोबारा नोटिस भी दिये गये है। इससे क्षेत्र में असमंजस और आक्रोश की स्थिति बन गई है। जिसमें व्यापारियों का कहना है कि यदि पूर्व घोषणा का पालन नहीं हुआ तो वे एक बार फिर न्यायालय की शरण लेंगे। फिलहाल सभी की निगाहें नगर निगम और जनप्रतिनिधियों के अगले कदम पर टिकी हैं। वही कुछ रहवासियों का भी आरोप है कि उन्होंने पूर्व के नोटिस पर अपने मकान को तोड़ा था, लेकिन अब नगर निगम उनके नए नक्शा पास नहीं कर रहा है, जिसके कारण वह अधर में लटके हुए हैं।
इस पूरे ही मामले में महापौर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि मास्टर प्लान की सड़क की चौड़ाई पूर्ण निश्चित के अनुसार ही रहेगी। हालांकि सड़क की चौड़ाई के संबंध में भोपाल से मार्गदर्शन मांगा गया है, जिसमें भोपाल के द्वारा लिए गए निर्णय के बाद ही आगे की कार्रवाई करी जाएगी। वहीं, नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौक ने महापौर और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर आम लोगों को सताए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि महापौर और मंत्री विकास के नाम पर इंदौर को लोगों को सतना बंद करें और ऐसा रास्ता निकले, जिससे विकास भी हो और लोगों का विनाश भी ना हो।
पलासिया चौराहे पर घायल एयर होस्टेस का गीता भवन अस्पताल पर इलाज से इनकार
इंदौर के पलासिया चौराहे पर कल दोपहर एक एयर होस्टेस युवती सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई। मौके पर ड्यूटी कर रही ट्रैफिक की दो महिला पुलिसकर्मियों आरक्षक सोनाली सोनी और सूबेदार लक्ष्मी धुर्वे ने मानवता का परिचय देते हुए घायल युवती को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। लेकिन गीता भवन अस्पताल में कथित लापरवाही सामने आई, जहां एमएलसी कैसे होने के कारण इलाज करने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने युवती को एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है। मामले में यातायात विभाग ने कार्रवाई की बात कही है। दरअसल पलासिया चौराहा पर हुए इस सड़क हादसे में एक एयर होस्टेस युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। मौके पर तैनात ट्रैफिक पुलिस की महिला आरक्षक सोनाली सोनी और सूबेदार लक्ष्मी धुर्वे ने तत्परता दिखाते हुए घायल को तुरंत नजदीकी गीता भवन अस्पताल पहुंचाया।
इस मामले में आरोप है कि वर्दी में मौजूद पुलिसकर्मियों द्वारा घायल को लाए जाने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने प्राथमिक उपचार देने से मना कर दिया। अस्पताल की इस कथित लापरवाही के बाद दोनों महिला पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए घायल युवती को एमवाय अस्पताल पहुंचाया, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है। घटना के बाद यातायात विभाग ने गीता भवन अस्पताल के खिलाफ पत्राचार कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है। वहीं, इस घटना ने निजी अस्पतालों की आपातकालीन सेवाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गौरतलब है कि केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के द्वारा सड़क दुर्घटना में घायलों को समय पर उपचार मुहैया हो इस उद्देश्य से राजवीर योजना शुरू की गई है। जिसमें घायल को अस्पताल पहुंचने वाले आम इंसान को ना तो कोई कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा और उसे 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। लेकिन इंदौर में जब दो पुलिसकर्मी घायल को अस्पताल लेकर पहुंचते हैं, तब अस्पताल द्वारा उपचार करने से इनकार कर देने की घटना सरकार की इस राजवीर योजना के क्रियान्वयन पर कई सवाल खड़े करती है।
इन्फ्लुएंसर धर्मेंद्र बिलोटिया के खिलाफ शिकायत, सोशल मीडिया वीडियो से बवाल
इंदौर में एक सोशल मीडिया वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कॉमेडी वीडियो बनाने वाले इन्फ्लुएंसर धर्मेंद्र बिलोटिया के खिलाफ अन्नपूर्णा थाने में आवेदन दिया गया है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर आपत्तिजनक नारे लगाते हुए नजर आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल अन्नपूर्णा थाना पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता और संदर्भ की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने विवाद खड़ा कर दिया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर धर्मेंद्र बिलोटिया वीडियो में आपत्तिजनक नारे लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र बिलोटिया कॉमेडी कंटेंट बनाकर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करते हैं। वायरल क्लिप सामने आने के बाद कुछ लोगों ने इसे गंभीर बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
यातायात नियमों को तोड़ने वालों के लिए बुरी खबर, अब चौराहों पर होगी ड्रोन से निगरानी
इंदौर शहर में यातायात नियमों को तोड़ने वालों के लिए और बुरी खबर है। अब यातायात पुलिस प्रमुख चौराहों पर ड्रोन से निगरानी की जाएगी और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। यातायात के प्रभारी डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि शहर के प्रमुख चौराहों पर बाइक सवार और कार चालक यातायात सिंगनल पर रुकने के बजाय निगमों का उल्लंघन करते रहते हैं।
अब यातायात पुलिस चौराहों पर ड्रोन से निगरानी करेगी, जिससे सिंगनल तोड़ने वाले लोगों को खिआफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही चौराहों पर लगने वाले जाम का सर्वे भी किया जा सकेगा, इस प्रोग्राम से यह भी पता चलेगा कि शहर में किस समय पर सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम की स्थिति रहती है और पुलिस जाम को दूर करने के लिए प्रयास करेगी। डीसीपी राजेश त्रिपाठी का मानना है कि ड्रोन निगरानी से ओवर स्पीड, हिट एंड रन,और रॉन्ग साइड जाने वालों पर भी कार्रवाई की जा सकेगी।
सोशल मीडिया व पुलिस की तत्परता से मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को परिजनों से मिलाया
इंदौर के भंवरकुआ थाना क्षेत्र में मानवता और सतर्क पुलिसिंग का एक सकारात्मक उदाहरण सामने आया है। बताया जा रहा है कि जीत नगर क्षेत्र में एक मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला संदिग्ध अवस्था में घूमती हुई पाई गई। क्षेत्र के कुछ लोगों ने महिला को संदेहवश बच्चा चोर समझ लिया और उसे पकड़कर थाने ले आए। थाने में पूछताछ और आवश्यक सत्यापन के दौरान पुलिस को पता चला कि महिला का नाम रेखा पति सुंदरलाल है, जो रेलवे रोड पूर्व दीनदयाल नगर, मेरठ की निवासी है। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ है और भटकते हुए इंदौर पहुंच गई थी। पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए महिला की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से साझा की, ताकि उसके परिजनों तक सूचना पहुंचाई जा सके।
सोशल मीडिया की मदद से महिला के परिवार तक संदेश पहुंचा और 18 फरवरी 2026 को उसके परिजन थाना भंवरकुआ पहुंचे। आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया और पहचान की पुष्टि के बाद 19 फरवरी 2026 को महिला को सकुशल उसके परिजन के सुपुर्द कर दिया गया। इस दौरान यह भी सामने आया कि महिला को बच्चा चोर समझकर कुछ लोगों ने उसके साथ हाथापाई की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना भंवरकुआ में प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा अफवाह फैलाने और कानून हाथ में लेने वाले व्यक्तियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इंदौर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट सूचना या अफवाह पर विश्वास न करें। किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में स्वयं कार्रवाई करने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि निर्दोष लोगों को अनावश्यक परेशानियों से बचाया जा सके और कानून व्यवस्था बनी रहे।
कपड़ा दुकान में घुसी कार, शराब के नशे में था आरोपी चालक
गुरुवार रात नगर निगम चौराहे पर एक तेजगति कार कपड़ों की दुकान में जा घुसी। हादसे में चार लोगों को चोट आई हैं जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है । कार का चालक शराब के नशे में धुत्त मिला है। जिसे पुलिस ने हिरासत में लेकर जांच पड़ताल शुरू की गई है । घटना एमजी रोड थाना क्षेत्र के नगर निगम चौराहे के पास की है। यह एक तेजगति स्कॉर्पियो चालक गाड़ी की गति को कंट्रोल नहीं कर पाया और कार कपड़े की दुकान में जा घुसा।
इस दुर्घटना में 4 लोग घायल हुए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आए है। हादसे के बाद लोगों ने कार में जमकर तोड़फोड़ की मामले में पुलिस ने कार चालक आरोपी स्कार्पियो चालक गजानंद मालवीय निवासी भवानी नगर के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में स्कॉर्पियो गाड़ी का चालक गजानंद नशे में मिला है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है ।
क्राइम ब्रांचर ने फर्जी गोल्ड इन्वेस्टमेंट घोटाले में 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार
इंदौर पुलिस ने फर्जी गोल्ड इन्वेस्टमेंट के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सोना-चांदी के आभूषणों के व्यापार में निवेश कर ऊंचा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर एक व्यापारी से बड़ी रकम हड़प ली थी। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के नाम शुभम शर्मा और पूजा शर्मा हैं, जो मथुरा के निवासी हैं। वही इस मामले की शिकायत इंदौर निवासी अंकित बजाज द्वारा क्राइम ब्रांच में दर्ज कराई गई थी।
शिकायत में बताया गया कि आरोपियों ने अपनी कथित गोल्ड फर्म में निवेश करने पर भारी मुनाफा होने का भरोसा दिलाया। उन्होंने सोना और चांदी के आभूषणों के व्यापार का दिखावा कर भरोसा जीता और चरणबद्ध तरीके से लगभग 3 करोड़ 50 लाख रुपये निवेश करवा लिए। बाद में न तो कोई मुनाफा दिया गया और न ही मूल राशि लौटाई गई। जिसमें तकनीकी साक्ष्यों और साइबर विश्लेषण के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अवैध लाभ अर्जित करने की मंशा से ठगी करना स्वीकार किया है।
पुलिस ने उनके कब्जे से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और चेकबुक से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपियों ने अन्य लोगों के साथ भी इसी प्रकार की ठगी की हो सकती है। फिलहाल दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर उनके बैंक खातों, लेनदेन और दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर मुनाफा दिलाने का लालच, करीब 3 करोड़ की धोखाधड़ी
इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम में पदस्थ एक अर्दली पर नर्सिंग अधिकारियों से करीब 2 करोड़ 92 लाख रुपए ठगने का आरोप लगा है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी के साथ उसकी पत्नी और मां के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया है। फरियादी नरेंद्र कुमार सागर, दयानंद बेनीवाल, अयुष दधीच और दलवीर प्रजापत, जो सभी ईएसआईसी में नर्सिंग ऑफिसर हैं और मूलतः राजस्थान के निवासी हैं, ने शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि दीपेश रायकवार, जो ESIC में अर्दली के पद पर कार्यरत है, ने उनसे पहचान बढ़ाकर प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री में निवेश कराने का झांसा दिया।
आरोपी ने निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का लालच देकर अलग-अलग किश्तों में लाखों रुपए जमा करवाए। पीड़ितों को भरोसा दिलाने के लिए फर्जी दस्तावेज और योजनाएं भी दिखाई गईं। जब तय समय पर न तो मुनाफा मिला और न ही मूल राशि वापस की गई, तब पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से फर्जीवाड़ा कर रकम हड़पी है। पुलिस ने दीपेश रायकवार, उसकी मां शीला रायकवार और पत्नी आकांक्षा रायकवार के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिसमें दीपेश को पुलिस के द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। वही इस मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है।
Varsha Shrivastava 
