Henley Passport Index 2026: भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में सुधार, जानें कौन से देश का है सबसे ताकतवर पासपोर्ट?

नई रैंकिंग के मुताबिक, भारतीय नागरिक अब 55 देशों में वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल यात्रा कर सकते हैं।

Henley Passport Index 2026: भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में सुधार, जानें कौन से देश का है सबसे ताकतवर पासपोर्ट?
India Passport Rank 2026

भारतीय पासपोर्ट की ताकत में एक बार फिर सुधार देखने को मिला है। Henley & Partners Passport Index 2026 में भारत ने 5 स्थान की छलांग लगाते हुए 80वां स्थान हासिल किया है। पिछले साल यानी 2025 में भारत की रैंक 85 थी। नई रैंकिंग के अनुसार, अब भारतीय नागरिक 55 देशों में वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल यात्रा कर सकते हैं। यह रैंकिंग पासपोर्ट धारकों को मिलने वाली अंतरराष्ट्रीय यात्रा की आज़ादी के आधार पर तय की जाती है।

2025 में गिरावट, 2026 में वापसी

भारत की पासपोर्ट रैंकिंग में पिछले कुछ वर्षों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 2024 में भारत 80वें स्थान पर था, 2025 में गिरकर 85वें स्थान पर पहुंच गया। 2026 में फिर से सुधार के साथ 80वें स्थान पर लौटा। हालांकि, इस बार वीजा-फ्री देशों की संख्या 57 से घटकर 55 रह गई है, लेकिन रैंकिंग में सुधार को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

पाकिस्तानी और बांग्लादेशी पासपोर्ट कमजोर 

पाकिस्तानी और बांग्लादेशी पासपोर्ट दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट में शामिल है। Henley Passport Index 2026 के मुताबिक, पाकिस्तान का पासपोर्ट दुनिया का 5वां सबसे कमजोर पासपोर्ट है। पाकिस्तान की रैंक 98वीं है। वहीं, बांग्लादेश का पासपोर्ट 95वें स्थान पर है और यह दुनिया का 8वां सबसे कमजोर पासपोर्ट माना गया है। पिछले साल की तुलना में पाकिस्तान की रैंकिंग में भी थोड़ा सुधार हुआ है, लेकिन अब भी यह निचले पायदान पर बना हुआ है।

सिंगापुर का पासपोर्ट दुनिया का सबसे ताकतवर

सिंगापुर लगातार दूसरे साल दुनिया का सबसे ताकतवर पासपोर्ट बना है। सिंगापुर के नागरिक 192 देशों में बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं। वहीं, जापान और दक्षिण कोरिया संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। इन दोनों देशों के नागरिक 188 देशों में वीजा-फ्री यात्रा कर सकते हैं। ये देश लंबे समय से पासपोर्ट रैंकिंग में टॉप पर बने हुए हैं।

जानें कैसे तय होती है पासपोर्ट की रैंकिंग?

Henley Passport Index साल में दो बार जारी किया जाता है, पहली बार जनवरी में और दूसरी बार जुलाई में। इस रैंकिंग में यह देखा जाता है कि किसी देश का पासपोर्ट धारक कितने देशों में बिना पहले से वीजा लिए यात्रा कर सकता है। इसमें वीजा-फ्री, वीजा-ऑन-अराइवल और इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल परमिट जैसी सुविधाओं को शामिल किया जाता है। पूरे साल वीजा नीतियों में होने वाले बदलावों के आधार पर डेटा को रियल टाइम में अपडेट किया जाता है। बता दें, पासपोर्ट किसी देश की सरकार द्वारा जारी किया गया एक आधिकारिक दस्तावेज़ होता है, जो अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान व्यक्ति की पहचान और नागरिकता को साबित करता है।
विदेश यात्रा के लिए पासपोर्ट सबसे जरूरी दस्तावेज़ माना जाता है और यह व्यक्ति की पहचान का एक वैध प्रमाण भी होता है।