उज्जैन: श्री महाकालेश्वर मंदिर में संध्या और शयन आरती की बुकिंग अब पूरी तरह ऑनलाइन

श्रद्धालु घर बैठे करा सकेंगे आरती के लिए पंजीकरण। संध्या आरती की बुकिंग दोपहर 12 बजे से और शयन आरती की बुकिंग शाम 4 बजे से। प्रति श्रद्धालु 250 रुपये शुल्क।

उज्जैन: श्री महाकालेश्वर मंदिर में संध्या और शयन आरती की बुकिंग अब पूरी तरह ऑनलाइन

उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए मंदिर प्रबंध समिति ने बड़ा फैसला लिया है। अब बाबा महाकाल की संध्या आरती और शयन आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं को ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी। यह व्यवस्था भस्म आरती की तर्ज पर शुरू की गई है। देश-विदेश से आने वाले भक्त अब घर बैठे ही मंदिर की अधिकृत वेबसाइट के माध्यम से अपनी सीट बुक कर सकेंगे। मंदिर समिति का कहना है कि इस डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देना है। लंबे समय से इन दोनों आरतियों में बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे थे, जिससे व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही थीं।

बुकिंग का समय और शुल्क तय

संध्या आरती के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। वहीं शयन आरती की बुकिंग प्रतिदिन शाम 4 बजे से की जा सकेगी। दोनों आरतियों के लिए प्रति श्रद्धालु 250 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। यह शुल्क शीघ्र दर्शन के समान रखा गया है। बुकिंग की प्रक्रिया पूरी तरह “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर होगी। यानी जो श्रद्धालु पहले बुकिंग करेगा, उसे प्राथमिकता मिलेगी। श्रद्धालु केवल मंदिर की अधिकृत वेबसाइट https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/ के माध्यम से ही बुकिंग कर सकेंगे।

प्रवेश और समय की व्यवस्था

आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को प्रवेश द्वार क्रमांक 1 से प्रवेश दिया जाएगा। संध्या आरती के लिए शाम 6 बजे तक मंदिर में प्रवेश करना अनिवार्य होगा। शयन आरती के लिए रात 10 बजे तक ही प्रवेश की अनुमति रहेगी। निर्धारित समय के बाद प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से समय का विशेष ध्यान रखने की अपील की है, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मंदिर प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि आरती के दौरान भी सामान्य श्रद्धालुओं के लिए चलित दर्शन की व्यवस्था जारी रहेगी। यानी जो भक्त ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर पाएंगे, वे कतार में चलते हुए बाबा महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। उन्हें आरती स्थल पर बैठने की अनुमति नहीं होगी, लेकिन दर्शन की सुविधा बनी रहेगी। इससे उन श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी जो शुल्क देकर आरती में शामिल नहीं होना चाहते या जिन्हें बुकिंग नहीं मिल पाई है।

पहले से लागू हैं अन्य ऑनलाइन व्यवस्थाएं

मंदिर समिति पहले से ही भस्म आरती के लिए ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था चला रही है। भस्म आरती के लिए 200 रुपये और शीघ्र दर्शन के लिए 250 रुपये प्रति व्यक्ति शुल्क लिया जाता है। इसके अलावा विशेष पूजन के लिए अलग से शुल्क निर्धारित है। मंदिर में पहले गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति भी शुल्क देकर मिलती थी, लेकिन भीड़ के कारण यह व्यवस्था फिलहाल बंद है। मंदिर समिति का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलेगा। उज्जैन आने वाले भक्तों के लिए यह कदम सुविधाजनक और समय बचाने वाला साबित होगा।