मैहर में आदिवासियों की जमीन फर्जी तरीके से बेचने का आरोप, EOW रीवा में शिकायत

मैहर जिले में आदिवासी समुदाय की जमीन फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचने का गंभीर मामला सामने आया है.

मैहर में आदिवासियों की जमीन फर्जी तरीके से बेचने का आरोप, EOW रीवा में शिकायत

मैहर जिले में आदिवासी समुदाय की जमीन फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचने का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में मैहर निवासी इंजीनियर पुष्पेंद्र सिंह ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) रीवा में विस्तृत शिकायत दर्ज कराई है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बदेरा तहसील के ग्राम भदनपुर उत्तरी पट्टी, दक्षिणी पट्टी, अमगार और उमरौल की विभिन्न आराजी नंबरों की भूमि, जो आदिवासी भूमिस्वामियों के नाम दर्ज थी, उसे संगठित भू-माफियाओं ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर पहले फर्जी तरीके से नामांतरण कराया और बाद में उद्योग को बेच दिया।

आरोप है कि आदिवासी समाज के लोगों को बहला-फुसलाकर और लालच देकर उनके ही समुदाय के नाम फर्जी रजिस्ट्री कराई गई। इसके बाद संबंधित जमीन को सीमेंट उद्योग को विक्रय कर दिया गया। कई भूमिस्वामियों को तब जानकारी हुई, जब कंपनी के अधिकारी मशीनरी के साथ जमीन पर कब्जा और उत्खनन के लिए पहुंचे।

शिकायतकर्ता का कहना है कि मामला सामने आने के बाद अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मैहर ने कुछ नामांतरण निरस्त कर जमीन वास्तविक मालिकों के नाम दर्ज की है, लेकिन अब तक पूरे प्रकरण का निराकरण नहीं हुआ है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इतने बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितता के बावजूद जिला प्रशासन द्वारा कथित रूप से शामिल भू-माफियाओं और राजस्व अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

सूत्रों के मुताबिक, Economic Offences Wing की रीवा शाखा मामले में प्रारंभिक जांच कर रही है और जल्द ही प्रकरण दर्ज किए जाने की संभावना है। यदि मामला पंजीबद्ध होता है तो कई प्रभावशाली नामों के सामने आने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर जांच की प्रक्रिया जारी है।