मऊगंज में बड़ा हादसा,तालाब में हुए अवैध उत्खनन ने छीन ली दो मासूमों की जिंदगी
मऊगंज जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत मुड़िला ग्राम पंचायत में मंगलवार को तालाब में डूबने से दो कक्षा सातवीं के छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई। स्कूल से लौटते समय नहाने उतरे दोनों मासूम तालाब की उस गहराई में समा गए, जो अवैध उत्खनन से बनी खाई के कारण जानलेवा बन चुकी थी। मृतकों की पहचान शिब्बू जायसवाल और प्रांशु विश्वकर्मा (उम्र लगभग 13 वर्ष) के रूप में हुई है।
मऊगंज जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मुड़िला ग्राम पंचायत में मंगलवार को एक दिल को दहला देने वाला हादसा घटित हुआ, तालाब में हुए अवैध उत्खनन से बनी खाई में डूबने से दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना उस समय घटी जब दोनों मासूम बालक विद्यालय से छुट्टी होने के बाद घर को निकले थे लेकिन इससे पहले तालाब में नहाने को उतर गए और मासूम बालक गहरे पानी में समा गए।
घटना की जानकारी होते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया ग्रामीण मौके पर पहुंचे लोगों की मदद से बड़ी मशक्कत के बाद दोनों मासूम बालकों को तालाब के गहरे पानी से निकाला गया और अस्पताल ले जा गया जहां चिकित्सकों ने परीक्षण उपरांत मृत घोषित कर दिया।

घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार मऊगंज जिले के जनपद शिक्षा केंद्र नईगढ़ी अंतर्गत आने वाले शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मुड़िला में कक्षा सातवीं में अध्ययनरत छात्र शिब्बू जायसवाल और प्रांशु विश्वकर्मा, उम्र लगभग 13 वर्ष, स्कूल से लौटते समय तालाब में नहाने के दौरान डूब गए।
गौरतलब है कि यह जानलेवा तालाब स्कूल परिसर में ही बना हुआ है और इसी तालाब में अवैध उत्खनन के कारण गहरी खाई खोदी गई है और यही गहरी खाई मासूम बालकों के लिए जानलेवा साबित हुई।

स्कूल से लौटते समय घटी घटना
बताया गया है कि प्रतिदिन की तरह मंगलवार को भी दोनों छात्र स्कूल से छुट्टी के बाद घर की ओर लौट रहे थे और रास्ते में ही दोनों छात्र तालाब में नहाने उतर गए, परंतु तालाब के भीतर पानी अत्यधिक गहरा था, जिसका अनुमान मासूमों को नहीं था इस दौरान पानी में उतरे दोनों छात्र नहाते समय तीनों डूबने लगे।
आसपास मौजूद कुछ ग्रामीणों ने बच्चों की चीख-पुकार सुनी और तत्काल मौके पर पहुंचे और किसी तरह बच्चों को बाहर निकालने में सफल हुए और दोनों को तुरंत नईगढ़ी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें परीक्षण उपरांत मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतकों शव का पंचनामा एवं चिकित्सालय में पोस्टमार्टम वैधानिक कार्यवाही उपरांत परिजनों को सौंप दिए गए पुलिस द्वारा घटना की जांच शुरू कर दी गई है।

लापरवाही पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने प्रशासन से नाराजगी जताते हुए कहा कि स्कूल के पास स्थित तालाब असुरक्षित है और पहले भी यहां हादसे होते-होते बचे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि तालाब में अवैध रूप से मिट्टी उत्खनन कर गहरी खाई खोदी गई है जो लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है, लोगों ने कहा यदि जनता की आवाज सुनी गई होती और तालाब में अवैध उत्खनन ना किया गया होता तो आज इतनी बड़ी घटना ना घटती।
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि इस तालाब के चारों ओर सुरक्षा की दीवार, चेतावनी बोर्ड और जाली लगाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं रोकी जा सकें। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यहां उठना है कि आखिर प्रशासन द्वारा ऐसे अवैध उत्खनन पर कब रोक लगाई जाएगी बता दें कि क्षेत्र में इस तरह के हुए अवैध उत्खनन के कारण बीते आधा दशक के अंतराल में कई जाने जा चुकी हैं।
Saba Rasool 
