सरकारी नौकरी का झांसा देकर 300 युवाओं से 42 लाख की ठगी, पीड़ितों ने लगाई न्याय की गुहार
नौकरी के सपने दिखाकर लाखों की वसूली का आरोप, शाजापुर के सैकड़ों युवा पहुंचे जनसुनवाई में
शाजापुर | ब्यूरो रिपोर्ट, मनीष कुमार | 16 जून 2026 |
बेरोज़गारी की मार झेल रहे सैकड़ों नौजवानों को सरकारी नौकरी का सुनहरा सपना दिखाया गया और जब उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई हाथों में सौंप दी तो ठग गायब हो गए। जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित युवाओं का आरोप है कि उन्हें ग्राम पंचायत और SIDCO कंपनी में नौकरी दिलाने का आश्वासन देकर विभिन्न लोगों से हजारों रुपये की राशि वसूली गई, लेकिन न तो नौकरी मिली और न ही जमा किया गया पैसा वापस किया गया।

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, शिवराजसिंह राजपूत (निवासी ग्राम जादमी), अजहर पठान (निवासी ग्राम सुनेरा) तथा सोनू मिर्जा (निवासी मुल्लाखेड़ी) पर इस कथित धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप है। पीड़ितों का कहना है कि उनसे अलग-अलग राशि—किसी से 18 हजार, किसी से 35 हजार, किसी से 10 हजार और किसी से 7,500 रुपये—नौकरी दिलाने के नाम पर ली गई।
पीड़ितों का दावा है कि इस प्रकार लगभग 300 से अधिक युवाओं से कुल करीब 42 लाख रुपये एकत्र किए गए। उनका आरोप है कि बाद में आरोपितों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका और कई लोगों के फोन नंबर तक ब्लॉक कर दिए गए।

पीड़ित युवाओं ने बताया कि उन्होंने मामले की शिकायत पहले कोतवाली थाना और बाद में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी की, लेकिन अब तक उन्हें किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली। इसके बाद वे जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच सहित आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। फिलहाल, संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
फिलहाल, मामले में प्रशासन और पुलिस की ओर से जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। लेकिन जरा सोचिए, जो सपने बेचकर भागे, उन्हें कानून का डर नहीं — पर जिन्होंने सपने खरीदे, उनकी आंखें आज भी नम हैं। सवाल यह है कि आखिर कब तक बेरोज़गार जवानों की मजबूरी को हथियार बनाकर यह खेल चलता रहेगा? और कब ये सिस्टम जागेगा ?
Varsha Shrivastava 
