रीवा जनसुनवाई में पहुंची मां- बेटी फूट- फूटकर रोईं: मकान पर अवैध कब्जा और पैतृक संपत्ति छीनने का आरोप
रीवा में मंगलवार को जनसुनवाई आयोजित की गई, जिसमें पहुंची एक महिला ने अपने ही देवर और देवरानी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई।
रीवा में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में एक महिला ने अपने ही देवर और देवरानी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई। देवरा फरेंदा, तहसील रायपुर कर्चुलियान की रहने वाली और वर्तमान में जबलपुर निवासी विमला सौंधिया ने शिकायत में आरोप लगाया कि उनके पति स्व. श्रीनिवास सौंधिया की साल 2005 में मृत्यु के बाद देवर अवधेश सौंधिया और देवरानी सुलोचना सौंधिया ने उनके साथ मारपीट, दुर्व्यवहार और जान से मारने की धमकियां देना शुरू कर दिया।
2007 में अपने बच्चों के साथ गांव छोड़ दिया
महिला का आरोप है कि साल 2007 में मारपीट के बाद वह अपने बच्चों के साथ गांव छोड़कर जबलपुर में रहने लगीं। इस दौरान उनके ससुराल स्थित मकान का ताला तोड़कर उस पर अवैध कब्जा कर लिया गया और शादी का सारा सामान भी अपने कब्जे में रख लिया गया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि जब भी वह गांव में रहने या अपने हिस्से की जमीन मांगने पहुंचीं, उन्हें और उनके बच्चों को जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया गया।

2022 में बंटवारे की बात उठी, देवरानी ने हिस्सा नहीं दिया
शिकायत में यह भी कहा गया है कि साल 2022 में पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे की बात उठी, लेकिन देवरानी ने हिस्सा देने से इनकार कर दिया। महिला के बेटे द्वारा अपने रहने के लिए दो कमरे बनवाने का प्रयास किया गया, लेकिन एक कमरा जबरन लेने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई।
महिला ने आरोप लगाया कि मनिकवार चौकी में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंची पीड़िता ने जान-माल की सुरक्षा, ससुराल के मकान से अवैध कब्जा हटाने और पैतृक संपत्ति में वैधानिक हिस्सा दिलाने की मांग की है। जिसके बाद रीवा कलेक्टर ने उन्हें कार्रवाई का आश्वाशन दिया है
Varsha Shrivastava 
