आज रात 12 बजे तक हो सकेंगे तबादले, MP कैबिनेट की बैठक में बड़ा फैसला
मध्य प्रदेश सरकार ने तबादला अवधि में 24 घंटे की राहत दी। आज रात 12 बजे तक किए जा सकेंगे तबादले। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया फैसला।
भोपाल। अब प्रदेश में आज रात 12 बजे तक किए जा सकेंगे तबादले। राज्य सरकार ने 24 घंटे की अतिरिक्त राहत देते हुए तबादला अवधि की समय-सीमा बढ़ा दी है। 16 जून मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में ये फैसला लिया गया है। इसके अलावा भी कई विभागों से जुड़े अन्य प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई और कई फैसलों पर मुहर भी लगी है। कैबिनेट बैठक में हुए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी MSME मंत्री चैकन्य कुमार कश्यप ने दी।

टारगेट पूरा नहीं करने वाले अफसर हटेंगे
मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए नई तबादला नीति-2026 को मंजूरी दे दी है। नीति का सबसे अहम प्रावधान यह है कि जो अधिकारी-कर्मचारी अपने तय लक्ष्य पूरे नहीं कर पाएंगे, उन्हें प्रशासनिक आधार पर प्राथमिकता से हटाया जा सकेगा और उनका तबादला निर्धारित अवधि से पहले भी किया जा सकेगा।
3 साल से पहले भी हो सकेगा ट्रांसफर
3 साल की सेवा अवधि को तबादले का आधार माना गया है, लेकिन इसे अनिवार्य शर्त नहीं बनाया गया है। इसके तहत प्रथम और द्वितीय श्रेणी के कार्यपालिक अधिकारियों को तीन साल पूरे होने पर जिले से बाहर स्थानांतरित किया जा सकेगा, जबकि तृतीय श्रेणी कर्मचारियों पर भी यही नियम लागू होगा। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल अवधि पूरी होना ही तबादले का आधार नहीं होगा, बल्कि कार्य निष्पादन भी महत्वपूर्ण रहेगा।

नई नीति के अनुसार यदि कोई कर्मचारी पिछले वित्तीय वर्ष के निर्धारित लक्ष्य पूरे नहीं कर पाता है तो उसे तय समय से पहले भी स्थानांतरित किया जा सकता है। इसके साथ ही रिक्त पदों को भरने के लिए होने वाले “श्रृंखलाबद्ध तबादलों” पर रोक लगा दी गई है, ताकि प्रशासनिक अस्थिरता को रोका जा सके। सभी विभागों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि केवल सेवा अवधि के आधार पर तबादले न किए जाएं, बल्कि न्यायालय के आदेश, गंभीर शिकायत, पदोन्नति, प्रतिनियुक्ति से वापसी और आवश्यक प्रशासनिक कारणों को भी ध्यान में रखा जाए।
महिला और गंभीर बीमारी से पीड़ित कर्मचारियों को राहत
महिला कर्मचारियों और संवेदनशील वर्गों को नीति में विशेष राहत दी गई है। अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिला कर्मचारियों को उनके गृह जिले में पदस्थ करने का प्रावधान किया गया है। वहीं जिन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति में एक वर्ष या उससे कम समय शेष है, उनका सामान्य परिस्थितियों में तबादला नहीं किया जाएगा। गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, डायलिसिस या ओपन हार्ट सर्जरी से पीड़ित कर्मचारियों को मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा पर स्थानांतरण की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग कर्मचारियों को भी सामान्यत: तबादले से छूट दी गई है, हालांकि उनकी इच्छा पर स्थानांतरण संभव रहेगा।

पति-पत्नी को एक स्थान पर पदस्थ करने के भी आवेदन
सरकार ने पति-पत्नी को एक ही स्थान पर पदस्थ करने के लिए आवेदन स्वीकार करने का प्रावधान भी रखा है, लेकिन अंतिम निर्णय प्रशासनिक आवश्यकता के आधार पर होगा। वहीं मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों को दो कार्यकाल यानी चार वर्ष तक तबादले से छूट दी गई है। साथ ही वित्तीय अनियमितता, गबन या दुरुपयोग के मामलों में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों को तत्काल पद से हटाने का भी प्रावधान शामिल किया गया है। सभी स्थानांतरण आदेश अब केवल ऑनलाइन ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से जारी होंगे और 15 जून के बाद जारी आदेश मान्य नहीं होंगे।
कैबिनेट बैठक में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
नई तबादला नीति के अलावा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। बैठक की शुरुआत वंदे मातरम् गीत से हुई और इसमें प्रदेश के विकास, निवेश, स्वास्थ्य, उद्योग और सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

नीति आयोग की बैठक में मध्य प्रदेश की नक्सलवाद उन्मूलन की प्रगति और जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना का उल्लेख किया गया। राज्य में “लाल सलाम को अंतिम सलाम” की दिशा में प्रगति और औद्योगिक विकास की गति पर भी चर्चा हुई।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर राष्ट्रपति होंगी शामिल
21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य राज्य स्तरीय आयोजन जबलपुर में किया जाएगा, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति रहेगी और मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। पर्यटन क्षेत्र में मध्य प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ पर्यटन राज्य का पुरस्कार मिला है, जबकि नवकरणीय ऊर्जा विभाग को भी अवसंरचना विकास के लिए सम्मान प्राप्त हुआ है।

MSME की 900 यूनिटों को 360 करोड़ की सब्सिडी वितरित
MSME क्षेत्र में 900 औद्योगिक इकाइयों को 360 करोड़ रुपये की सब्सिडी वितरित की गई है और 31 मार्च 2026 तक के सभी लंबित भुगतान निपटा दिए गए हैं, जिससे उद्योग जगत का विश्वास बढ़ा है। भोपाल में साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय स्तर की सेमिनार आयोजित की गई, जिसमें राज्य में साइबर सुरक्षा सेंटर स्थापित करने की घोषणा की गई।
इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट को मिली 5388 करोड़ की अतिरिक्त राशि
इंदौर मेट्रो परियोजना की लागत 7,500 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 12,889 करोड़ रुपये हो गई है और इसके लिए 5,388 करोड़ रुपये की अतिरिक्त स्वीकृति दी गई है। यह मेट्रो परियोजना 2030–31 तक लगभग 31 किलोमीटर क्षेत्र में पूरी तरह चालू होने की योजना है।

इसके अलावा लगभग 24,200 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को निरंतरता प्रदान की गई है, जिनमें टाइगर प्रोजेक्ट, श्रम विभाग की योजनाएं, जनजातीय शिक्षा के लिए 687 करोड़ रुपये और कुटीर एवं ग्रामोद्योग में रेशम उत्पादन के लिए 639 करोड़ रुपये शामिल हैं।
18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को PPP मॉडल पर निजी संचालन के लिए देने का निर्णय
स्वास्थ्य क्षेत्र में रीवा, देवास और गुना जिलों के 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में PPP मॉडल पर निजी संचालन के लिए देने का निर्णय लिया गया है। सरकार भवन और दवाइयों की व्यवस्था करेगी, जबकि निजी एजेंसियां डॉक्टर और स्टाफ उपलब्ध कराएंगी।

साथ ही बड़े अस्पतालों के विकास के लिए निजी और चैरिटेबल संस्थाओं को भूमि और उपकरणों पर अनुदान देने की नीति बनाने के लिए पांच मंत्रियों की समिति गठित की गई है।
Varsha Shrivastava 
