मंत्री नागर सिंह चौहान का रिपोर्ट कार्ड, पत्रकार वार्ता में बताईं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की उपलब्धियां
राजधानी भोपाल के जनसंपर्क भवन में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर अपने विभाग की 2 वर्ष की उपलब्धियां बताईं
भोपाल। प्रदेश सरकार के दो साल पूरे होने के अवसर पर मंत्रियों द्वारा अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड जनता के समक्ष रखा जा रहा है। इसी कड़ी में 30 दिसंबर मंगलवार को राजधानी भोपाल स्थित जनसंपर्क भवन में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर विभाग की दो वर्षों की उपलब्धियां साझा कीं।
मंत्री नागर सिंह चौहान ने बताया कि सरकार अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के कल्याण के लिए शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में निरंतर प्रयास कर रही है। विद्यार्थियों की शिक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से छात्रावासों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। वर्तमान में विभाग द्वारा प्रदेश भर में 1913 छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें कुल 95,317 सीटें निर्धारित हैं।
उन्होंने बताया कि पूर्व में छात्रावासों की 80 प्रतिशत सीटें भी पूर्ण रूप से उपयोग में नहीं आ रही थीं, लेकिन योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के परिणामस्वरूप अब 86,356 सीटें भर चुकी हैं, जो 90 प्रतिशत से अधिक है। सरकार का लक्ष्य इन सीटों को शत-प्रतिशत भरना है।
मंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में 326 भवनविहीन छात्रावास हैं, जिनमें से विगत वर्षों में 63 नवीन भवनों को स्वीकृति दी गई। इनमें से 33 भवनों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष निर्माणाधीन हैं। चालू वित्तीय वर्ष में 80 से अधिक नए छात्रावास भवनों के निर्माण कार्य स्वीकृत किए जाने की योजना है। सरकार का लक्ष्य आगामी तीन वर्षों में सभी भवनविहीन छात्रावासों के लिए नवीन भवनों का निर्माण पूर्ण करना है।
भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि छात्रावासों को आदर्श छात्रावास के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ वाई-फाई, आधुनिक रसोई, ई-लाइब्रेरी और सोलर सिस्टम जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। राज्य सरकार ने अनुसूचित वर्ग के विद्यार्थियों को शासकीय सेवाओं में आयु सीमा से छूट प्रदान की है। साथ ही, जो विद्यार्थी प्रदेश से बाहर अध्ययन कर रहे हैं, उन्हें आवास सहायता भी दी जा रही है।
नागर सिंह चौहान ने कहा कि युवाओं को सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। विदेश में उच्च शिक्षा के लिए भी सरकार सहयोग कर रही है। वर्तमान में 24 विद्यार्थी विदेश में अध्ययनरत हैं, जबकि इस वर्ष 31 नए विद्यार्थियों का चयन किया गया है। पोस्ट ग्रेजुएट अध्ययन के लिए विद्यार्थियों को दो वर्षों में 90 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है।
स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार 10 हजार रुपये से लेकर 50 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करा रही है, जिससे अनुसूचित वर्ग के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
Varsha Shrivastava 
