वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में मध्य प्रदेश को निवेश का हब बनाएंगे CM डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य से स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में उद्योगपतियों और निवेशकों से संवाद करेंगे।
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य से स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में उद्योगपतियों और निवेशकों से संवाद करेंगे। मध्य प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल आज रवाना हो रहा है, जबकि मुख्यमंत्री दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन से जुड़ी प्रक्रिया में भाग लेने के बाद 20 जनवरी को दावोस के लिए प्रस्थान करेंगे।

राज्य के प्रतिनिधिमंडल में मुख्यमंत्री सचिवालय के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई और मनु श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह और मनीष सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. इलैयाराजा टी. सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 की थीम ‘ए स्पिरिट ऑफ डायलॉग’ और ‘अनलॉकिंग न्यू सोर्सेज ऑफ ग्रोथ’ है, जिसके अंतर्गत वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े अहम विषयों पर चर्चा होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव फॉर्च्यून 500 कंपनियों के सीईओ और अंतरराष्ट्रीय उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ व्यक्तिगत बैठकों में हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही ऊर्जा, आईटी, ऑटोमोबाइल एवं न्यू मोबिलिटी, हेल्थकेयर और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित सेक्टोरल राउंडटेबल बैठकों में मध्य प्रदेश की संभावनाओं को साझा किया जाएगा।
निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को राज्य की विकास नीति का केंद्र मानते हुए मुख्यमंत्री ने पिछले एक वर्ष में देश और विदेश में निवेश संवाद को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाया है। दावोस यात्रा के माध्यम से मध्य प्रदेश मैन्युफैक्चरिंग, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, केमिकल्स और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में वैश्विक निवेशकों से सीधा संवाद स्थापित कर निवेश के लिए आमंत्रण देगा।
लगभग पाँच वर्षों के बाद वैश्विक मंच पर राज्य सरकार की यह औपचारिक भागीदारी मध्य प्रदेश की नई आर्थिक गति और मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति को दर्शाती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने निवेश नीतियों को सरल, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल बनाया है। ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस, त्वरित निर्णय प्रक्रिया और सहज भूमि आवंटन व्यवस्था को दावोस में अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने प्रमुखता से रखा जाएगा। राज्य सरकार का लक्ष्य केवल निवेश प्रस्ताव प्राप्त करना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक, टिकाऊ और भरोसेमंद साझेदारियां विकसित करना है।
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