मऊगंज: पिकनिक की आड़ में पर्यावरण की पाठशाला, महेश बांध के किनारे गूंजा प्रकृति प्रेम का संदेश
अंतर्राष्ट्रीय पिकनिक दिवस पर मऊगंज क्षेत्र स्थित महेश बांध पर ब्रह्माकुमारीज़ मऊगंज सेवा केंद्र द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रकृति, परिवार और संस्कारों का त्रिवेणी संगम दिखा
मऊगंज से रिपोर्टर राजेंद्र पयासी।
अंतर्राष्ट्रीय पिकनिक दिवस पर मऊगंज क्षेत्र स्थित महेश बांध, गोलैदाबरा का नजारा आम दिनों से अलग था। यहां पिकनिक सिर्फ खानपान और मौज मस्ती तक सीमित नहीं रही। ब्रह्माकुमारीज़ मऊगंज सेवा केंद्र द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रकृति, परिवार और संस्कारों का ऐसा त्रिवेणी संगम हुआ जिसका हर पल यादगार बन गया।

कार्यक्रम का आगाज करते हुए एस.एस. मेमोरियल पब्लिक स्कूल, मऊगंज के प्रधानाध्यापक विभूति भूषण सिंह ने कहा कि आज का बच्चा गूगल पर सब खोज लेता है पर दादा दादी के पास बैठकर जीवन का सार नहीं सीख पाता। मोबाइल की स्क्रीन ने हमें प्रकृति और परिवार दोनों से काट दिया है। उन्होंने अपील की कि हर परिवार सप्ताह में एक शाम जरूर निकाले, जब बच्चे बुजुर्गों के साथ बैठें और उनके संघर्ष, संस्कार और अनुभवों को सुनें। यही अनुभव नई पीढ़ी की असली दिशा तय करेंगे।
एक पौधा, सौ संकल्प के बराबर
मुख्य वक्ता के रूप में ब्रह्माकुमारीज़ मऊगंज सेवा केंद्र प्रभारी बीके पूर्णिमा बहन ने पर्यावरण को धर्म से जोड़ा। उन्होंने मंच से मौजूद सैकड़ों भाई बहनों को हाथ उठवाकर सामूहिक संकल्प दिलाया कि प्रत्येक व्यक्ति हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाएगा और उसके पेड़ बनने तक देखभाल करेगा। बीके पूर्णिमा बहन ने कहा कि पेड़ लगाना केवल गड्ढा खोदकर बीज डालना नहीं है। यह आने वाली पीढ़ी को शुद्ध हवा, पानी और छाया देने का वचन है। प्रकृति की रक्षा करना सबसे बड़ी ईश्वर भक्ति है।

संकल्प से बदलेगा मऊगंज का माहौल
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने चार बिंदुओं पर सहमति जताई। पहला, प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करना। दूसरा, घर के आसपास सफाई रखना। तीसरा, हर त्योहार पर पौधरोपण को परंपरा बनाना। चौथा, बच्चों में सुबह उठकर पेड़ पौधों को पानी देने की आदत डालना। पूरे परिसर में आध्यात्मिक गीतों और प्राकृतिक सौंदर्य के बीच लोगों ने आपसी प्रेम और सद्भाव का अनुभव किया।

इस अवसर पर संयोजक शशि भूषण मिश्रा, प्रभाकर सिंह बघेल, बृजभूषण मिश्रा, रानी बहन, शकुंतला बहन, यशोदा बहन, मानवती बहन सहित बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी, शिक्षक, समाजसेवी और ब्रह्माकुमारीज़ परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और पर्यावरण संरक्षण की शपथ के साथ हुआ।
Varsha Shrivastava 
