रीवा में छाया रहा मकर संक्रांति का पर्व, मंदिरों में उमड़ी भीड़
रीवा जिले में मकर संक्रांति का त्यौहार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। मंदिरों और मेलों में भारी भीड़ रही, लोगों ने तिल-गुड़ खाया और पतंग उड़ाकर त्योहार का आनंद लिया।
रीवा जिले में बुधवार को मकर संक्रांति का त्योहार बहुत खुशी और धूमधाम से मनाया गया। शहर और गांव दोनों जगह लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रही। लोगों ने भगवान की पूजा की और गन्ना, तिल के लड्डू, लाई, गुड़ और चूड़ा चढ़ाया।
मेलों में रही खूब रौनक
शहर के किला परिसर में मुख्य मेला लगा, जहां हजारों लोग पहुंचे। इसके अलावा साई मंदिर, चिरहुला, कोठी कम्पाउंड, क्योंटी, गोविंदगढ़, बहुती जैसे कई स्थानों पर भी मेले लगे। मेले में दुकानों की कतारें लगी थीं। बच्चों और महिलाओं ने मेले का खूब आनंद लिया और खरीदारी की।

तिल-गुड़ और लाई की रही ज्यादा बिक्री
मकर संक्रांति पर तिल और लाई खाने की परंपरा है। इसी वजह से मेले और बाजारों में तिल के लड्डू, लाई और गन्ने की खूब बिक्री हुई। लोग इन्हें घर ले जाकर खुशी से खाते नजर आए।
सुरक्षा के थे अच्छे इंतजाम
मेले और मंदिरों में पुलिस की व्यवस्था रही। सुबह से रात तक पुलिसकर्मी मौजूद रहे और शांति बनाए रखने की कोशिश करते रहे। प्रशासन के अधिकारी भी मेले का जायजा लेते दिखे।

जाम से लोग हुए परेशान
किला स्थित महामृत्युंजय मंदिर के रास्ते में पूरे दिन जाम लगा रहा। देवहा और क्योंटी क्षेत्र में भी भारी भीड़ के कारण वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। पुलिस कोशिश करती रही, लेकिन जाम पूरी तरह से खत्म नहीं हो पाया।
बच्चों ने लिया मेले का मजा
मेले में बच्चों की सबसे ज्यादा भीड़ दिखी। उन्होंने खिलौने, गिफ्ट और खेल-कूद की चीजें खरीदीं। दोस्तों को गिफ्ट देकर बच्चों ने त्योहार की खुशियां बांटी।

पतंगों से रंगा आसमान
मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने का खास महत्व होता है। सुबह से ही लोग छतों पर पतंग उड़ाते नजर आए। पूरा आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर गया। लोग रेवड़ी, गजक और तिल के लड्डू खाते हुए पतंग उड़ाते दिखे।
कार्टून वाली पतंगों की रही मांग
बाजारों में पतंगों की दुकानों पर खूब भीड़ रही। बच्चों को छोटा भीम, स्पाइडरमैन, मोटू-पतलू और सुपरमैन वाली पतंगें बहुत पसंद आईं।
हर छत पर दिखे पतंगबाज
मकर संक्रांति के दिन लगभग हर छत पर लोग पतंग उड़ाते नजर आए। पूरे दिन हंसी, खुशी और उत्साह का माहौल बना रहा।
Saba Rasool 
