ओंकारेश्वर में विश्व सिकल सेल दिवस समारोह: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मरीजों और रक्तदाताओं को किया सम्मानित,
ओंकारेश्वर में विश्व सिकल सेल दिवस के राज्य स्तरीय समारोह का शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। राष्ट्रपति ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर कहा- स्क्रीनिंग का लक्ष्य समय से पहले पूरा हुआ, सीएम बोले- स्क्रीनिंग में मध्य प्रदेश आगे
मध्यप्रदेश के खंडवा जिले स्थित ओंकारेश्वर में 19 जून शुक्रवार को विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने सिकल सेल एनीमिया से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और बीमारी की पहचान, जांच, उपचार और जागरूकता से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर आनुवंशिक बीमारी से निपटने के लिए राज्य ने उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने बताया कि स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले पूरा कर लिया गया है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।


सवा करोड़ से अधिक लोगों की हुई स्क्रीनिंग
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि उन्हें जानकारी दी गई है कि प्रदेश में सवा करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी है। इनमें से अधिकांश लोगों को जेनेटिक काउंसलिंग और सिकल सेल कार्ड भी उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि सिकल सेल से जुड़ी चुनौतियों को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है और पिछले कुछ वर्षों में इस दिशा में व्यापक प्रयास किए गए हैं।

उन्होंने याद दिलाया कि लगभग 3 साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहडोल से राष्ट्रीय सिकल सेल मिशन की शुरुआत की थी। यह पहल केवल स्वास्थ्य सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि जनजातीय स्वास्थ्य, आनुवंशिक जागरूकता और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर को भी मजबूत करने का प्रयास है।
सिकल सेल मुक्त भावी पीढ़ी हमारा लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया मुक्त भावी पीढ़ी के संकल्प को पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश में मिशन मोड पर अभियान चलाया जा रहा है। पंचायत स्तर तक स्क्रीनिंग सुविधाओं का विस्तार किया गया है, जिससे बीमारी की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 1 करोड़ 32 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। रोग प्रबंधन के तहत गर्भवती महिलाओं को विशेष उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही जेनेटिक काउंसलिंग के माध्यम से सिकल सेल कार्ड भी वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 3,700 से अधिक ‘सिकल सेल मित्र’ सक्रिय हैं, जो लोगों को जागरूक करने, मरीजों की पहचान करने और उन्हें उपचार से जोड़ने का काम कर रहे हैं।
मरीजों, रक्तदाताओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान सिकल सेल मरीजों, नियमित रक्तदाताओं और समाज में जागरूकता फैलाने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। खालवा, छैगांव माखन, पुनासा और पंधाना विकासखंडों के उन सरपंचों को भी सम्मान मिला, जिन्होंने अपने गांवों में सिकल सेल स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आयोजन स्थल पर लगाई गई प्रदर्शनी में लोगों को सिकल सेल एनीमिया की पहचान, जांच और उपचार की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अलावा मरीजों को उपलब्ध सरकारी सुविधाओं और बीमारी से बचाव के उपायों के बारे में भी बताया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श भी प्रदान किया गया।
आनुवंशिक बीमारी है सिकल सेल एनीमिया
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. आनंद ओनकर ने बताया कि सिकल सेल एनीमिया एक आनुवंशिक बीमारी है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि विवाह से पहले युवक और युवती की जांच कर इस बीमारी के जोखिम का पता लगाया जा सकता है। जांच रिपोर्ट और सिकल सेल कार्ड के आधार पर भावी संतान में बीमारी की संभावना के बारे में जानकारी दी जाती है, जिससे लोग जागरूक निर्णय ले सकें।

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जनजागरूकता, समय पर जांच, उचित परामर्श और निरंतर उपचार के जरिए सिकल सेल एनीमिया पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। ओंकारेश्वर में आयोजित विश्व सिकल सेल दिवस का यह कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राष्ट्रपति को राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दी विदाई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर एयरपोर्ट पर विदाई दी।


Varsha Shrivastava 
