भोपाल: 27 परिवारों की शिफ्टिंग टली, कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद कार्यवाही स्थगित

भोपाल के पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित मानस भवन के पीछे बसे 27 झुग्गी परिवारों को सोमवार सुबह हटाया जाना था। प्रशासन ने भी पूरी तैयारी कर रखी थी, लेकिन कांग्रेस के विरोध के बाद कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

भोपाल: 27 परिवारों की शिफ्टिंग टली, कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद कार्यवाही स्थगित

भोपाल। राजधानी के पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित मानस भवन के पीछे बसे 27 झुग्गी परिवारों की शिफ्टिंग टाल दी गई है। सोमवार सुबह इन परिवारों को हटाया जाना था। प्रशासन ने भी पूरी तैयारी कर रखी थी, लेकिन  कांग्रेस के विरोध के बाद कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

अधिकारियों का कहना है कि उनके पास पर्याप्त पुलिस बल मौजूद नहीं है। शहर वृत एसडीएम दीपक पांडे ने बताया कि जल्दी ही शिफ्टिंग की कार्यवाही की जायेगी। जिला प्रशासन परिवारों को मालीखेड़ी में शिफ्ट करेगा। चार दिन पहले, 25 दिसंबर को संबंधित परिवारों को बेदखली के आदेश जारी किए गए थे।

बता दें कि 70 साल पुरानी इस बस्ती के परिवारों को भौंरी, कलखेड़ा, और मालीखेड़ी में बने आवासों में शिफ्ट किया जाएगा। लोगों को निशुल्क यानी बिना राशि लिए आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। आवास की राशि 2 लाख रुपए प्रति परिवार मानस भवन प्रबंधन उठाएगा। मालीखेड़ी को लेकर राशि भी नगर निगम को जमा करवा दी गई है।

प्रशासन ने इस कार्रवाई के लिए पहले ही इंतजाम कर लिए हैं। 4 एसडीएम, 4 तहसीलदार, 10 नायब तहसीलदार, 11 राजस्व निरीक्षक और 72 पटवारियों समेत कुल 101 अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। यह कार्रवाई खसरा नंबर 1413/1 की 31.5130 हेक्टेयर भूमि से अतिक्रमण हटाने को लेकर की जा रही है, जिसे वन भूमि का अंश बताया जा रहा है।

अपर कलेक्टर अंकुर मेश्राम ने सभी अधिकारियों को सोमवार सुबह मानस भवन के पीछे आमद देने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन इसे साल की आखिरी बड़ी अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई बता रहा है। इससे पहले हथाईखेड़ा क्षेत्र में भी सरकारी जमीन से वर्षों पुराना कब्जा हटाया जा चुका है।

वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस इस कार्रवाई के खिलाफ आक्रामक हो गई है। रविवार 28 दिसंबर को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी झुग्गी बस्ती पहुंचे और प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध जताया। उनके साथ नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी भी मौजूद रहीं। पटवारी ने आरोप लगाया कि बिना मानवीय दृष्टिकोण अपनाए आदिवासी और गरीब परिवारों को उजाड़ा जा रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी झुग्गीवासियों के समर्थन में सामने आए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि ठंड के मौसम में गरीब परिवारों को हटाना अमानवीय है और सरकार को पुनर्वास की ठोस व्यवस्था पहले करनी चाहिए। रविवार को मानस भवन में आयोजित सामाजिक न्याय सम्मेलन के दौरान झुग्गी बस्ती की महिलाएं कांग्रेस नेताओं से मिलने पहुंचीं और अपनी पीड़ा रखी। इस दौरान पटवारी ने प्रशासनिक अधिकारियों को कड़ी फटकार भी लगाई।

प्रशासन को आशंका है कि कार्रवाई के दौरान विरोध और हंगामा हो सकता है, इसी वजह से पूरी प्रक्रिया को गोपनीय रखा जा रहा है। अब देखना होगा कि सोमवार की कार्रवाई के दौरान सियासी टकराव किस स्तर तक पहुंचता है और सरकार इस विरोध को कैसे संभालती है।