इंदौर में दूषित पानी से 14 की मौत: मीडियाकर्मी के सवाल पर झल्लाए कैलाश विजयवर्गीय, भागीरथपुरा गए तो लोगों ने जताया मंत्री का विरोध

इंदौर में दूषित पानी मामले में जब एक रिपोर्टर ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सवाल पूछा तो मंत्री झल्ला गए और कहा कि फोकट सवाल मत करो। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मंत्री ने अपने शब्दों पर खेद जताया। वहीं, जब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मृतक के परिजनों को दो-दो लाख का चेक देने गए थे तो भागीरथपुरा में लोगों ने उनके खिलाफ विरोध जताया।

इंदौर में दूषित पानी से 14 की मौत: मीडियाकर्मी के सवाल पर झल्लाए कैलाश विजयवर्गीय, भागीरथपुरा गए तो लोगों ने जताया मंत्री का विरोध
Indore Kailash Vijayvargiya

इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी मामले में एक पत्रकार के सवाल पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बिफर पड़े। दरअसल, भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से 14 लोगों की मौत हो गई है, हालांकि, प्रशासन इतने आंकड़ों से इंकार कर रही है। दूषित पानी से 1400 लोग प्रभावित हैं, जिन में से 162 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। इस मामले में बुधवार शाम शहर पहुंचे डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों की बैठक ली थी। इस बैठक में मंत्री विजयवर्गीय भी थे, जब मंत्री बैठक के बाद बाहर आए तो एक रिपोर्टर ने सवाल किया कि तो मंत्री नाराज हो गए।

फोकट सवाल मत करो, कांग्रेस ने मांगा मंत्री का इस्तीफा

अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन को इलाज में खर्च पैसों का रिफंड अभी तक नहीं मिला है। रिपोर्टर के इस सवाल पर मंत्री विजयवर्गीय ने झल्लाते हुए कहा कि अरे छोड़ो यार, तुम फोकट सवाल मत पूछो। इस पर रिपोर्टर ने कहा- यह फोकट सवाल नहीं है। हम वहां होकर आए हैं। इसके जवाब में मंत्री विजयवर्गीय ने झल्लाते हुए अपशब्द कह दिए। इसका वीडियो वायरल होने और विरोध बढ़ने के बाद मंत्री ने सोशल मीडिया पर अपने शब्दों पर खेद जताया। हालांकि, विपक्षी दल कांग्रेस भाजपा पर हावी हो गया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सीएम से कहा कि ऐसे बदतमीज मंत्रियों से नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफा लीजिए। पीसीसी चीफ ने कहा कि मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और प्रभारी मंत्री तीनों इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं।

भागीरथपुरा में कैलाश विजयवर्गीय का विरोध

वहीं, गुरुवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भागीरथपुरा पहुंचे थे तो उन्हें स्थानीय लोगों द्वारा विरोध का सामना करना पड़ा। गंदा पानी पीने के बाद जिन लोगों की मृत्यु हुई है उनके परिजनों को मंत्री मुआवजे की राशि अर्थात दो-दो लाख रुपए का चेक सौंपने के लिए गए थे। इस दौरान पीड़ित परिवार ने विरोध दर्ज कराया, रहवासियों और परिजनों की समझाइश के बाद परिजनों ने चेक लिया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा। 

कांग्रेस ने बनाई 5 सदस्यीय जांच समिति

कांग्रेस ने मामले की जांच के लिए पूर्व मंत्रियों के नेतृत्व में 5 सदस्यीय समिति बनाई है। इसमें पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, जयवर्धन सिंह, बदनावर विधायक भंवर सिंह शेखावत, तराना विधायक महेश परमार और सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल शामिल हैं। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। कांग्रेस की मांग है कि जिम्मेदार अधिकारियों और लोगों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाए। पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए मुआवजा दिया जाए। घायलों को बेहतर और निशुल्क इलाज सुनिश्चित किया जाए।