'बुलेटप्रूफ' बन गया जेब में रखा मोबाइल, सतना में ऑटो चालक पर फायरिंग, फोन ने बचाई जान
ऑटो चालक पर बाइक सवार युवकों ने फायरिंग कर दी, लेकिन किस्मत अच्छी थी कि पेंट की जेब में रखा मोबाइल फोन उसकी जान बचाने वाला साबित हुआ।
सतना। जिले के रीवा रोड पर शनिवार शाम एक मामूली सड़क दुर्घटना गंभीर घटना में बदल गई। ऑटो चालक विद्यासागर उर्फ कल्लू (24) पर बाइक सवार युवकों ने फायरिंग कर दी, लेकिन किस्मत अच्छी थी कि पेंट की जेब में रखा मोबाइल फोन उसकी जान बचाने वाला साबित हुआ। यह घटना स्थानीय लोगों के लिए हैरान कर देने वाली रही।
घटना शनिवार शाम की है। जब विद्यासागर अपने परिचित मनीष रजक को लेकर बस स्टैंड से गांव जा रहे थे। तभी महिंद्रा एजेंसी के पास उनकी ऑटो और एक सफेद रंग की बाइक की टक्कर हो गई। बाइक पर सवार तीन युवकों ने तुरंत गाली-गलौज शुरू कर दी। इस दौरान भीड़ भी जमा हो गई, लेकिन आरोपी “देख लेने” और “जान से मारने” की धमकी देकर वहां से चले गए।
शुरुआत में विद्यासागर को लगा कि मामला यहीं खत्म हो गया। लेकिन कुछ देर बाद वह मनीष के साथ गहरा नाला के पास एक चाय की दुकान पर रुक गए। तभी वही बाइक वापस आई, लेकिन इस बार उस पर चार युवक सवार थे। बाइक रुकते ही एक युवक ने पिस्टल निकाली और सीधे विद्यासागर पर फायर किया। गोली विद्यासागर की दाहिनी जांघ के पास लगी, लेकिन पेंट की जेब में रखा मोबाइल फोन ढाल बन गया। गोली मोबाइल से टकराई, जिससे उसकी रफ्तार कम हो गई और विद्यासागर को केवल मामूली चोट आई। मोबाइल का कांच टूट गया, लेकिन बड़ी घटना टल गई।
फायरिंग के बाद आरोपी इलाके में डर फैलाने के लिए हवा में 2-3 राउंड फायर कर गए और कृपालपुर की तरफ भाग निकले। साथी मनीष ने घायल विद्यासागर को तुरंत पुलिस थाने पहुंचाया, जहां से उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसे खतरे से बाहर बताया और छुट्टी दे दी। इस घटना के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए रात में ही चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ऑटो और बाइक की टक्कर के विवाद में फायरिंग की गई थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी कनिष्क सिंह समेत अन्य तीन आरोपियों को पकड़कर उनके पास से घटना में इस्तेमाल पिस्टल और मोटरसाइकिल जब्त कर ली। अब मामला हत्या के प्रयास का दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।
घटना ने स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। एक मामूली सड़क टक्कर ने जानलेवा घटना का रूप ले लिया और यह साबित किया कि किस्मत कभी-कभी इंसान के लिए बड़ा वरदान बन जाती है। विद्यासागर की जिंदगी बचाने में मोबाइल ने असल हीरो की भूमिका निभाई। सतना पुलिस की तत्परता और जल्दी कार्रवाई की वजह से आरोपी जल्द ही सलाखों के पीछे पहुंच गए। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और आरोपी कैसे और क्यों इस हद तक गए, इसका पता लगाया जा रहा है।
Varsha Shrivastava 
