राज्यसभा चुनाव: झारखंड में क्रॉस वोटिंग से कांग्रेस उम्मीदवार की हार, NDA ने 26 में से 19 सीटे जीतीं
झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका, क्रॉस वोटिंग से NDA समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी की जीत
झारखंड सहित 12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन ने मजबूत प्रदर्शन किया। कुल 26 सीटों में से 19 सीटें NDA के खाते में गईं, जबकि विपक्षी INDIA ब्लॉक को 6 सीटों पर संतोष करना पड़ा। एक सीट मिजोरम की क्षेत्रीय पार्टी ZPM के खाते में गई। इन चुनावों में सबसे ज्यादा चर्चा झारखंड की दो सीटों को लेकर रही, जहां क्रॉस वोटिंग ने पूरी राजनीतिक समीकरण बदल दिया।
झारखंड में सीटों का गणित
झारखंड विधानसभा में कुल 81 विधायक हैं। एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 28 वोटों की आवश्यकता होती है। मौजूदा स्थिति में NDA के पास 24 विधायक थे, जबकि JMM-कांग्रेस गठबंधन के पास 56 विधायकों का समर्थन था। JKLM का एक विधायक भी मतदान में शामिल था। पहली सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम को 31 वोट मिले और उनकी जीत पहले से ही तय मानी जा रही थी।
दूसरी सीट पर मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा और NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के बीच था। मतगणना में नाथवानी को 30 वोट मिले, जबकि प्रणव झा को 20 वोट प्राप्त हुए। इस दौरान 3 वोट अवैध घोषित किए गए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि NDA के 24 विधायकों के अलावा 4 वोट क्रॉस वोटिंग के जरिए नाथवानी को मिले, जिससे उनकी जीत सुनिश्चित हो गई।
इस चुनाव में क्रॉस वोटिंग ने पूरी तस्वीर बदल दी। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उसके सहयोगी दलों—विशेषकर RJD और वाम दलों—ने पूरी तरह से समर्थन नहीं दिया। वोटिंग प्रक्रिया में कुछ विधायकों द्वारा गलत तरीके से वोट डालने या नियमों का पालन न करने के कारण 3 वोट अवैध भी घोषित किए गए, जिसका सीधा असर परिणाम पर पड़ा।
मिजोरम में ZPM पहली बार राज्यसभा पहुंचा
इन चुनावों में NDA ने स्पष्ट बढ़त हासिल की। 12 राज्यों की 26 सीटों में से NDA को 19 सीटें मिलीं। INDIA ब्लॉक को 6 सीटें और एक सीट मिजोरम की क्षेत्रीय पार्टी Zoram People’s Movement (ZPM) के खाते में गई।
मिजोरम में ZPM उम्मीदवार के लालत्लुआंगकिमा ने राज्यसभा सीट जीतकर इतिहास रच दिया। उन्हें 36 में से 26 वोट मिले, जबकि मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) की उम्मीदवार को केवल 10 वोट मिले। यह जीत ZPM के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह पार्टी के लिए पहली बार राज्यसभा में प्रतिनिधित्व का अवसर है।
26 में से 23 सीटों पर निर्विरोध उम्मीदवार जीते
10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर कार्यकाल पूरा होने के बाद चुनाव हुए। इनमें से 8 राज्यों की 21 सीटों पर प्रत्याशी निर्विरोध जीते, जबकि 2 राज्य (झारखंड और मिजोरम) की 3 सीटों पर उम्मीदवार ज्यादा होने की वजह से चुनाव हुए। वहीं, महाराष्ट्र और तमिलनाडु की एक- एक सीट पर उपचुनाव हुए, इनमें भी प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए।
Varsha Shrivastava 
