कौन है IAS अवि प्रसाद? जिनकी तीसरी शादी की हो रही चर्चा, पहली दो पत्नियां भी हैं कलेक्टर

मध्य प्रदेश के आईएएस अधिकारी अवि प्रसाद ने तीसरी बार शादी की है। उन्होंने 2017 बैच की आईएएस अंकिता धाकरे से विवाह किया। अवि प्रसाद की पहली दो पत्नियां, रिजु बाफना और मिशा सिंह भी आईएएस अधिकारी थीं, जो वर्तमान में कलेक्टर हैं।

कौन है IAS अवि प्रसाद? जिनकी तीसरी शादी की हो रही चर्चा, पहली दो पत्नियां भी हैं कलेक्टर

मध्य प्रदेश के चर्चित आईएएस अधिकारी अवि प्रसाद ने हाल ही में तीसरी शादी की है। अपनी निजी जिंदगी को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले अवि प्रसाद ने यह विवाह 11 फरवरी को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में संपन्न किया। नई दुल्हन हैं 2017 बैच की आईएएस अधिकारी अंकिता धाकरे, जो वर्तमान में राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं। इस शादी की चर्चा सोशल मीडिया पर खूब हो रही है। क्योंकि अवि प्रसाद की पहली दोनों एक्स वाइफ भी कलेक्टर है।

पहली शादी: रिजु बाफना

अवि प्रसाद ने अपनी पहली 2014 बैच की आईएएस शादी रिजु बाफना से की थी। यह रिश्ता दिल्ली में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान बना था। हालांकि, यह विवाह ज्यादा समय तक टिक नहीं सका और कुछ ही वर्षों में दोनों का तलाक हो गया। रिजु बाफना वर्तमान में शाजापुर कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं और मध्य प्रदेश में उन्हें एक कुशल आईएएस अधिकारी माना जाता है।

दूसरी शादी: मिशा सिंह

अवि प्रसाद ने अपनी दूसरी शादी मिशा सिंह से की थी। मिशा सिंह 2016 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और उन्होंने एमपी केडर ले लिया था। लगभग चार साल तक यह विवाह चला, लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए। मिशा सिंह अब रतलाम कलेक्टर हैं और जिले में उनके प्रशासनिक कार्यों की काफी सराहना की जाती है।

तीसरी शादी: अंकिता धाकरे

अब अवि प्रसाद ने तीसरी शादी 2017 बैच की आईएएस अधिकारी अंकिता धाकरे से की है। अंकिता वर्तमान में राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं और मध्य प्रदेश के अशोकनगर की रहने वाली हैं। यह विवाह 11 फरवरी को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में संपन्न हुआ। इस शादी के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, लेकिन अवि प्रसाद की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

शादी सोशल मीडिया पर चर्चाओं में 

अवि प्रसाद की तीसरी शादी के बाद सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से वायरल हो रही है। कई लोग उनके निजी जीवन पर अलग-अलग राय दे रहे हैं। कुछ लोग उन्हें उनके प्रशासनिक काम के लिए सराह रहे हैं, तो कुछ उनके निजी जीवन को लेकर चर्चा कर रहे हैं।

एक नजर अवि प्रसाद के करियर पर

अवि प्रसाद मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने वर्ष 2013 में आईपीएस और वर्ष 2014 में आईएएस परीक्षा में 13वीं रैंक हासिल की। मध्य प्रदेश प्रशासन में उन्होंने कई जिलों में कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ के पदों पर कार्य किया है। फिलहाल वे मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) हैं।

अवि प्रसाद को प्रशासनिक कार्यों में कुशल और भरोसेमंद अफसर माना जाता है। कटनी में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने कुपोषण को रोकने के लिए कई अहम फैसले लिए और इसके लिए उन्हें काफी सराहना भी मिली। अवि प्रसाद मध्य प्रदेश के उन अफसरों में से हैं, जिनकी कार्यशैली और निजी जीवन दोनों ही समय-समय पर चर्चा में रहते हैं। इस बार वह अपनी तीसरी शादी के बाद फिर से सुर्खियों में आ गए हैं।