मंत्री कुंवर विजय शाह का रिपोर्ट कार्ड: जनजातीय कल्याण के लिए शिक्षा, संस्कृति और रोजगार पर फोकस

भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने पत्रकार वार्ता आयोजित की। इस अवसर पर उन्होंने जनजातीय कार्य विभाग की विगत दो वर्षों की उपलब्धियों, नवाचारों और भावी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी।

मंत्री कुंवर विजय शाह का रिपोर्ट कार्ड: जनजातीय कल्याण के लिए शिक्षा, संस्कृति और रोजगार पर फोकस
Kunwar Vijay Shah Report Card

भोपाल। प्रदेश सरकार के दो साल पूरे होने के अवसर पर विभागवार उपलब्धियों को जनता के समक्ष पेश करने की कड़ी में मंगलवार, 30 दिसंबर को राजधानी भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने पत्रकार वार्ता आयोजित की। इस अवसर पर उन्होंने जनजातीय कार्य विभाग की विगत दो वर्षों की उपलब्धियों, नवाचारों और भावी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी।

मंत्री कुंवर विजय शाह ने बताया कि बीते दो वर्षों में जनजातीय समाज के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। शैक्षणिक एवं प्रशासनिक संवर्ग में कुल 704 पदों पर नियुक्तियां की गई हैं, वहीं एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में 1846 नई नियुक्तियां की गईं। नवीन जिले मऊगंज, मेहर और पांढुर्णा के लिए 48 नए पदों को स्वीकृति प्रदान की गई है।

शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि विभाग का “सीखे सप्ताह” कार्यक्रम सीखने के घंटे के आधार पर प्रदेश में तीसरे स्थान पर रहा है तथा तीन पाठ्यक्रम पोर्टल पर रिकॉर्ड किए गए हैं। प्रदेश में संचालित 153 विशिष्ट आवासीय विद्यालयों में लगभग 54 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का शैक्षणिक परिणाम भी सराहनीय रहा है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में कक्षा दसवीं का परीक्षा परिणाम 94.33 प्रतिशत तथा कक्षा बारहवीं का परिणाम 84.78 प्रतिशत रहा।

जनजातीय कार्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 1593 छात्रावास, 1078 आश्रम शालाएं और 153 विशिष्ट आवासीय संस्थानों के माध्यम से 2 लाख 3 हजार से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। वहीं वर्ष 2024-25 में राज्य शासन द्वारा 16 लाख 66 हजार विद्यार्थियों को 54 करोड़ 48 लाख रुपये की छात्रवृत्ति राशि वितरित की गई।

जनजातीय संस्कृति और कला के संरक्षण पर जोर देते हुए मंत्री शाह ने बताया कि डिंडोरी जिले की प्रसिद्ध गोंड पेंटिंग को जी.आई. टैग प्राप्त हुआ है, वहीं गोंड पेंटिंग की वरिष्ठ कलाकार सुश्री जोधईया बाई को पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया। गुजरात के केवड़िया स्थित स्टैचू ऑफ यूनिटी में संचालित जनजातीय महिला कैफेटेरिया की तर्ज पर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पचमढ़ी, मांडू, कान्हा-किसली, पेंच और बांधवगढ़ में जनजातीय महिला कैफेटेरिया का निर्माण किया जा रहा है।

आदि रंग परियोजना के अंतर्गत राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान, भोपाल के सहयोग से 71 जनजातीय कलाकारों को मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण दिया गया है तथा 800 जनजातीय शिल्पकारों को बाजार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रारंभ किए गए धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से जनजातीय वर्ग के सर्वांगीण विकास को गति दी जा रही है।

मंत्री ने बताया कि जनजातीय संस्कृति के संरक्षण हेतु सांस्कृतिक केंद्रों की स्थापना की जा रही है तथा स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले जनजातीय नायकों की स्मृतियों को संरक्षित रखने के लिए संग्रहालयों का निर्माण किया गया है। आहार अनुदान योजना के अंतर्गत 15 जिलों की विशेष पिछड़ी जनजातियों—बेगा, भारिया और सहरिया—की महिला मुखियाओं को कुपोषण से मुक्ति दिलाने हेतु 1500 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है।

वन अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश के 26 हजार 555 एफआरए संभावित ग्रामों का एफआरए एटलस तैयार किया गया है। आगामी तीन वर्षों में “मध्य प्रदेश विजन डॉक्यूमेंट 2047” के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समान पहुंच, अधोसंरचना विकास, स्मार्ट क्लास, लैब और लाइब्रेरी सुविधाओं के उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।